सुप्रीम कोर्ट सेना के 300 से अधिक जवानों द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई के लिए राजी हो गया है. जवानों ने ऐसे अशांत क्षेत्रों जहां सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफस्पा) लागू है, में कार्रवाइयों को लेकर अपने खिलाफ दर्ज मुकदमों को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है. पीटीआई के मुताबिक अब इस याचिका पर 20 अगस्त को सुनवाई होगी.

याचिका में कहा गया है कि प्राथमिकी दर्ज करना और सेना के जवानों के खिलाफ अभियोग चलाना अफस्पा के प्रावधानों के खिलाफ है. अफस्पा सेना को तलाशी अभियान चलाने और संबंधित लोगों को हिरासत में लेने का अधिकार देता है. साथ ही इस कानून में प्रावधान है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सैनिक गोली भी चला सकते हैं. अफस्पा इन कार्रवाइयों को लेकर सैनिकों को एक हद तक कानूनी सुरक्षा भी देता है.

इस मामले में जवानों के वकील ऐश्वर्या भाटी का कहना है, ‘सेना के जवानों पर अशांत इलाकों में ड्यूटी निभाने के लिए मुकदमा चलाया जा रहा है. इससे सेना और अर्धसैन्य बलों का मनोबल नीचे गिरता है.’