बीते एक-दो दिनों से लगातार ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार लोक सभा के साथ 11 राज्यों के विधानसभा चुनाव भी करा सकती है. इसके लिए मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मिज़ोरम में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों को इन राज्यों में राष्ट्रपति लगाकर आगे बढ़ाया जा सकता है. इन ख़बरों के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दी है कि वे इन चारों राज्यों के चुनावों को आगे बढ़ाने के बजाय लोक सभा के चुनाव समय से पहले करा के दिखाएं.

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशाेक गहलाेत ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘संविधान संशोधन के बिना मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मिज़ोरम के चुनावों को आगे बढ़ाना संभव नहीं है. इन राज्यों के चुनाव लोक सभा के साथ कराने का एक ही तरीका है. प्रधानमंत्री को लोक सभा भंग कर देनी चाहिए और उसके चुनाव इन चार राज्यों के साथ कराने चाहिए.’ पार्टी के विधि विभाग के प्रमुख विवेक तनखा ने तो इससे आगे कहा, ‘अगर चारों राज्याें के चुनावों को आगे खिसकाने की कोशिश की गई तो हम अदालत में जाएंगे.’

वहीं गहलोत ने कहा, ‘लोक सभा के चुनाव समय से पहले कराना देशहित में भी होगा. क्योंकि इससे भय और असहिष्णुता के वातावरण को सुधारने में मदद मिलेगी. अगर सरकार लोक सभा को निर्धारित समय से पहले भंग करती है तो कांग्रेस इसका स्वागत करेगी.’ उनका कहना था कि कांग्रेस सहित सभी विपक्षी पार्टियां इस बार भाजपा को ठिकाने लगाने के लिए एकजुट हैं.