आधार कार्ड के डेटा की सुरक्षा को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक इसी से जुड़े एक मामले की जांच के संबंध में दिल्ली पुलिस ने गुजरात के सूरत जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में काम करने वाले दो लोगों से पूछताछ की है. दरअसल, जनवरी में अंग्रेजी अखबार द ट्रिब्यून की रिपोर्टर रचना खैरा की एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी. इसमें दावा किया गया था कि कुछ अज्ञात लोग वाट्सएप पर पैसों के बदले लोगों का आधार नंबर और उससे जुड़ी जानकारियां बेच रहे हैं. तब यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) ने इस रिपोर्ट पर सवाल उठाया था. उसने ‘द ट्रिब्यून’ व उसकी रिपोर्टर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई थी. उसका दावा था कि रिपोर्ट सही नहीं है और आधार का डेटा पूरी तरह सुरक्षित है.

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल के एक अधिकारी के मुताबिक इस सिलसिले में जिन दो लोगों से पूछताछ की गई है वे सूरत के मजिस्ट्रेट कार्यालय में स्थित आधार केंद्र में काम करते रहे हैं. पुलिस का मानना है कि इस केंद्र से ही आधार डेटा में सेंधमारी का काम किया गया था. साइबर सेल को दो महीने पहले ही पता चला था कि सूरत के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के आईडी लॉगिन से आधार डेटा तक पहुंचने की कोशिश की गई थी और यहां के कुछ कर्मचारी इस आईडी का उपयोग कर रहे थे. इंडियन एक्सप्रेस ने इस मामले में सूरत के मजिस्ट्रेट से संपर्क करने की कोशिश की थी लेकिन फिलहाल वे टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं हो पाए हैं.