तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने राजभवन में हुए एक समारोह के दौरान मद्रास हाईकोर्ट के जजों का सम्मान क़ायन न रख पाने के लिए अपनी तरफ से दुख जता दिया है. सूत्र बताते हैं कि उन्होंने ख़ुद इस बाबत हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश विजया कमलेश ताहिलरमानी से बात की है. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर झंडारोहण के बाद जस्टिस ताहिलरमानी ने जजों को इस बारे में बताया.

सूत्रों के मुताबिक ताहिलरमानी ने यह भी जानकारी दी कि हाईकोर्ट के सभी जजों को राज्यपाल ने स्वतंत्रता दिवस की शाम राजभवन में होने वाले कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया है. साथ ही राज्यपाल के लिए प्रमुख सचिव आर राजागोपाल ने उनसे मुलाक़ात कर इस कार्यक्रम का आमंत्रण उन्हें सौंपा है. इस मुलाक़ात के दौरान राजागोपाल ने भी उन परिस्थितियाें के बारे में बताया जिनकी वज़ह से जजों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा था. साथ ही उन्होंने (राजागोपाल ने) इस असुविधा के लिए अपनी तरफ से माफी भी मांगी.

ख़बरों के मुताबिक यह जानकारी देते हुए चीफ जस्टिस ने सभी जजों से आग्रह किया कि अब मामले को तूल दें. इसे यहीं ख़त्म कर दें. इस पर लगभग सभी जजों ने अपनी सहमति जताई है. ग़ौरतलब है कि इसी रविवार को राजभवन में हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश ताहिलरमानी के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उच्च अदालत के जजों को मंत्रियाें और अफसरों के पीछे बिठाया गया था. इस पर हाईकोर्ट के कुछ जजों ने सीधे राजभवन को पत्र लिखकर खुलकर इस पर अपनी आपत्ति जता दी थी.