कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लंदन में होने वाले एक कार्यक्रम को लेकर नया विवाद पैदा हो गया है. मसला वहां रहने वाले अप्रवासी भारतीयों (एनआरआई) से जुड़ा हुआ है. बताया जाता है कि इसी महीने होने वाले एक कार्यक्रम के लिए पहले राहुल गांधी को न्यौता भेजा गया था. लेकिन अब इस कार्यक्रम के साथ न्यौते को भी रद्द कर दिया गया है. यह कार्यक्रम ब्रिटेन के संसद भवन परिसर में आयोजित था. कांग्रेस अध्यक्ष 24-25 अगस्त को लंदन जाने वाले हैं जहां उनका अप्रवासी भारतीयों से मुलाकात का कार्यक्रम है.

द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक यह कार्यक्रम भारतीय मूल के अरबपति ब्रिटिश कारोबारी डॉक्टर रैमी रैंजर और उनकी राजनेता मित्र बैरनेस वर्मा ने आयोजित किया था. कंज़रवेटिव फ्रेंड्स ऑफ इंडिया (सीएफआई) नामक संगठन के बैनर तले यह कार्यक्रम 24 अगस्त को होने वाला था. रैंजर इस संगठन के सह-अध्यक्ष हैं. कार्यक्रम के लिए राहुल गांधी के अलावा ब्रिटेन के कई राजनेताओं और भारतीय कारोबारियों को भी निमंत्रण भेजे गए थे. लेकिन अब जैसी कि ख़बर है, सीएफआई ने इस कार्यक्रम से हाथ खींच लिए हैं.

बताया जाता है कि अब इस कार्यक्रम को इंडियन ओवरसीज़ कांग्रेस (आईओसी) कहीं आयोजित करेगी. इस संगठन के साथ भारतीय मूल के ब्रिटिश सांसद कीथ वाज़ भी जुड़े हुए हैं. ख़बर है कि वे ख़ुद कार्यक्रम के आयोजन का प्रबंध देख रहे हैं. आईओसी के प्रवक्ता गुरमिंदर रंधावा ने कार्यक्रम इसकी पुष्टि की है. उन्हाेंने बताया, ‘वे लोग (सीएफआई) अब यह कार्यक्रम आयोजित नहीं कर रहे हैं इसलिए हम करने वाले हैं.’ ब्रिटेन में आईओसी के अध्यक्ष कमल धालीवाल ने बताया, ‘सीएफआई के ऊपर भारतीय जनता पार्टी का दबाव था.’

धालीवाल ने बताया, ‘बैरनेस वर्मा भारत के वित्त मंत्री अरुण जेटली की मित्र हैं. अभी इसी अप्रैल में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लंदन आए थे तो उनके सभी कार्यक्रमों में वर्मा सबसे आगे शामिल थीं. हमने सुना है कि जब से उन्होंने कार्यक्रम के लिए राहुल गांधी को निमंत्रण भेजे जाने की बात सार्वजनिक की है, तभी से उन पर लगातार दबाव डाला जा रहा था. इससे उन्होंने हाथ खींच लिए. फिर सीएफआई ने अन्य कंज़रवेटिव सांसदाें से सहयोग मांगा लेकिन उनमें से भी कोई तैयार नहीं हुआ. मज़बूरन उन्हें कार्यक्रम रद्द करना पड़ा.