अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वहां के मीडिया के बीच तल्खी बढ़ती जा रही है. हाल में डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया को ‘जनता का दुश्मन’ और ‘विपक्षी दल’ कह कर बुलाया था. इसके जवाब में गुरुवार को 350 से ज्यादा अमेरिकी अखबारों ने डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ संपादकीय लिखे. बताया जा रहा है कि अखबारों ने आपसी समन्वय के साथ यह कदम उठाया. न्यूयॉर्क टाइम्स समेत कई बड़े अखबारों ने ट्रंप के बयानों की निंदा की.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपने संपादकीय में लिखा है, ‘अगर गलत उद्देश्य के तहत खबरों को कम या ज्यादा बढ़ा-चढ़ा कर दिखाया जाता है तो उसकी निंदा करना पूरी तरह सही है. रिपोर्टर और संपादक इंसान हैं और गलतियां करते हैं. उन्हें सही करना हमारा सबसे महत्वपूर्ण काम है. लेकिन सच्ची बातों को नापसंद करते हुए उन्हें ‘फेक न्यूज’ करार देना लोकतंत्र के लिए खतरनाक है. और पत्रकारों को ‘दुश्मन’ बताना भी खतरनाक है.’ एक और अखबार ग्लोब ने लिखा, ‘आज एक ऐसा व्यक्ति अमेरिका का राष्ट्रपति है जिसने इस बात को अपना मंत्र बना लिया है कि जो भी मौजूदा अमेरिकी प्रशासन की नीतियों का अंध-समर्थन नहीं करता वह लोगों का दुश्मन है.’

डोनाल्ड ट्रंप उनकी आलोचना करने वाली न्यूज रिपोर्टों की निंदा करते रहे हैं. उन्हें पिछले राष्ट्रपति चुनाव में रूस के कथित हस्तक्षेप से जुड़ीं खबरों से भी ऐतराज रहा है और वे ऐसी रिपोर्टों को फेक न्यूज कहते रहे हैं. हालांकि इस मामले में खुद उनकी बेटी इवांका ट्रंप उनसे सहमत नहीं दिखतीं. वहीं, हाल में जब व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स से ट्रंप को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वे उन्हें लेकर हुई न्यूज कवरेज से निराश हैं. सारा ने कहा, ‘अर्थव्यवस्था में तेज सुधार हुआ है, आईएस (इस्लामिक स्टेट) भाग रहा है और दुनिया में अमेरिकी नेतृत्व फिर से मजबूत हो रहा है. इसके बावजूद उनके बारे में 90 प्रतिशत न्यूज कवरेज नकारात्मक है.’