‘केरल बीते सौ सालों की सबसे भयावह प्राकृतिक आपदा झेल रहा है.’  

— पिनराई विजयन, केरल के मुख्यमंत्री

पिनराई विजयन का यह बयान केरल में हो रही मूसलाधार बारिश और बाढ़ को लेकर आया है. उनका क​हना है कि अलप्पुझा, एर्णाकुलम, पथनमतित्ता और त्रिशूर जिलों में बहने वाली नदियों ने यहां भयंकर तबाही मचा रखी है. इसके अलावा इडुक्की और वायनाड जिलों का संपर्क शेष राज्य से टूटा हुआ है. पिनराई विजयन के मुताबिक यह आपदा आठ अगस्त के बाद से अब तक राज्य में 324 लोगों की जान ले चुकी है. इसके चलते दो लाख से भी ज्यादा लोग बेघर हैं और इन्होंने अस्थायी राहत कैंपों में शरण ली हुई है. राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज केरल पहुंच गए हैं.


‘मैं सद्भाव का संदेश लेकर पाकिस्तान जा रहा हूं.’  

— नवजोत सिंह सिद्धू, कांग्रेस के नेता

नवजोत सिंह सिद्धू ने यह बात पाकिस्तान रवाना होने से पहले शुक्रवार को अटारी वाघा सीमा पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही. नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान के नव निर्वाचित प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान जा रहे हैं. पड़ोसी देश में नई सरकार के गठन के साथ उन्होंने भारत-पाकिस्तान के आपसी रिश्तों में मजबूती और मधुरता आने की उम्मीद भी जताई है. 18 अगस्त को होने वाले शपथ ग्रहण के इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इमरान खान ने नवजोत सिंह सिद्धू को व्यक्तिगत तौर पर न्योता दिया था.


‘भारत-पाकिस्तान के बीच शांति और मैत्री ही अटल बिहारी वाजपेयी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी.’  

— फारुक़ अब्दुल्ला, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री

फारुक अब्दुल्ला ने यह बात दिल्ली में एक बातचीत के दौरान कही. भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को महान व्यक्ति बताते हुए उन्होंने कहा कि संघ और जनसंघ से जुड़े होने के बावजूद उनकी विचारधारा औरों से इतर थी. वे सभी को एक साथ लेकर चलना चाहते थे. उनके मुताबिक अटल जी की चाह थी कि भारत-पाकिस्तान के बीच दोस्ताना संबंध हों लेकिन, वे ऐसा होते नहीं देख सके. इसके अलावा फारुक़ अब्दुल्ला ने कहा है कि पाकिस्तान में नई सरकार का गठन हुआ है जिसने भारत की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया है और भारत को भी पड़ोसी मुल्क के साथ रिश्तों में मजबूती लाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए.


‘जकार्ता एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाला भारतीय बैडमिंटन दल अब तक का सबसे मजबूत दल है.’  

— पुलेला गोपीचंद, भारतीय दल के बैडमिंटन कोच

पुलेला गोपीचंद का यह बयान एशियाई खेलों के उद्घाटन की पूर्वसंध्या पर आया है. उनका कहना है कि एशियाई खेलों की बैडमिंटन प्रतियोगिताओं में भारत को अब तक न तो स्वर्ण और न ही रजत पदक जीतने में कामयाबी मिली है. लेकिन इस बार जो बैडमिंटन दल इन खेलों के लिए उतरने वाला है वह पदकों का रंग बदलकर नया इतिहास रचने में जरूर कामयाब होगा.