सूडान के राष्ट्रपति के दक्षिण अफ्रीका छोड़ने पर रोक लगी | सोमवार, 15 जून 2014
‘मानवता के खिलाफ अपराध’ के आरोपों का सामना कर रहे सूडान के राष्ट्रपति अल बशीर के दक्षिण अफ्रीका छोड़ने पर वहां की एक अदालत ने रोक लगा दी. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि उन्हें तब तक दक्षिण अफ्रीका से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा जब तक कि उनके खिलाफ चल रहे मामलों की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती. 2009 में अंतर्राष्ट्रीय अपराध अदालत (आईसीसी) उन्हें सूडान के दारफूर क्षेत्र में हुए संघर्ष के लिए जिम्मेदार बताते हुए उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर चुकी है. इस संघर्ष में चार लाख से ज्यादा लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी और 20 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो गए थे. अल बशीर अफ्रीकी संघ के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका पहुंचे थे. इसी दौरान साउथ अफ्रीकन लिटिगेशन सेंटर नाम के एक संगठन की अपील पर प्रिटोरिया हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि उन्हें अदालत की इजाजत के बिना देश से बाहर न जाने दिया जाए.
जार्ज बुश के भाई ने राष्ट्रपति पद की दावेदारी जताई | मंगलवार, 16 जून 2015
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू बुश के भाई जेब बुश ने रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए अपनी दावेदारी पेश की है. उन्होंने एक वीडियो जारी करके कहा है कि वे अमेरिका का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि बराक ओबामा के आठ साल के शासन के बाद अमेरिका को और बेहतर प्रशासन की जरूरत है. खुद को राष्ट्रपति पद के लिए सर्वश्रेष्ठ विकल्प बताते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने राजनीतिक अनुभव के दम पर अमेरिका को बहुत आगे ले जा सकते हैं. 62 साल के जेब बुश फ्लोरिडा राज्य के गवर्नर रह चुके हैं. उन्होंने कहा है कि वे अपनी अब तक की उपलब्धियों और पारिवारिक विरासत का सहारा लेने के बजाय नये सिरे से अपना प्रचार अभियान चलाएंगे. उनके बड़े भाई के अलावा उनके पिता जार्ज बुश (सीनियर) भी अमेरिका के राष्ट्रपति रह चुके हैं. अमेरिका में अगले साल राष्ट्रपति का चुनाव होना है.
जापान में अब 18 साल के लोग भी वोट दे सकेंगे | बुधवार, 17 जून 2015
जापान में अब 18 साल का व्यक्ति भी वोट दे सकेगा. पहले मतदाता बनने के लिए उम्र की न्यूनतम सीमा 20 साल थी. वहां के उच्च सदन ने मतदाताओं की उम्र सीमा घटाने वाले संशोधित चुनावी कानून को पारित करते हुए यह फैसला लिया. इस फैसले के बाद जापान के कुल वोटरों में 24 लाख का इजाफा हो जाएगा. ये नये मतदाता अगले साल होने वाले चुनाव में पहली बार वोट डालेंगे. जापान ने 70 साल के बाद मतदाता बनने की आयुसीमा घटाई है. उसने इससे पहले 1945 में विश्वयुद्ध में हार के बाद वोट डालने की उम्र को 25 से घटाकर 20 साल किया था. जापान के इस कदम का वहां के राजनीतिक विश्लेषकों ने स्वागत किया है. उन्होंने उम्मीद जताई है कि इस फैसले से जापान की युवा पीढ़ी राजनीति में अपनी सक्रियता बढाएगी.
अमेरिका में चर्च में गोलाबारी, नौ मरे | गुरुवार, 18 जून 2015
अमेरिका के एक चर्च में एक युवक द्वारा की गई गोलाबारी में नौ लोगों की जान चली गई. यह घटना वहां के साउथ कैरोलिना प्रांत के चार्लस्टर्न स्थित एतिहासिक चर्च ‘इमानुएल अफ्रीकन मेथोडिस्ट एपिस्कॉपल’ में हुई. 20 साल के एक युवक ने इस हमले को तब अंजाम दिया जब चर्च में एक बैठक चल रही थी. 19 वीं सदी में बनाया गया यह चर्च अमेरिका से सबसे पुराने गिरिजाघरों में गिना जाता है और यह अश्वेतों के प्रार्थना स्थल के रूप में पूरे अमेरिका में प्रसिद्ध है. इस चर्च के संस्थापकों में से एक डेनमार्क वेसी 1822 में हुए दासता विरोधी विद्रोह के नेता थे. अमेरिका में अश्वेतों के पूजा स्थल पर हालिया समय का यह सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है.
चीन ने दुनिया का पहला इलेक्ट्रिक विमान बनाया | शुक्रवार, 19 जून 2015
विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में एक से बढ़कर एक कीर्तिमान रच रहे चीन ने इलेक्ट्रिक विमान बना कर एक और उपलब्धि अर्जित की है. दुनिया में अपनी तरह का यह पहला विमान है.जो एक बार चार्ज होने पर 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार से उड़ सकता है. शेनयांग एयरोस्पेस यूनिवर्सिटी तथा लियोनिंग जनरल एवियेशन एकेडमी द्वारा डिजाइन किए गए इस विमान को ‘बीएक्स1ई’ नाम दिया गया है. बताया जा रहा है कि चीन इस विमान का उपयोग पालयट प्रशिक्षण, मौसम विज्ञान और राहत एवं बचाव अभियान जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियों में करेगा. पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से भी इस विमान को अहम माना जा रहा है. इस विमान की कीमत तकरीबन एक करोड़ रुपया होगी. बताया जा रहा है कि लगभग 230 किलो वजन वाले इस विमान को दो घंटे के भीतर चार्ज किया जा सकता है. इसके बाद यह तीन हजार मीटर की अधिकतम ऊंचाई पर करीब एक घंटे तक उड़ सकता है.
नाराज पुतिन जी-20 बैठक छोड़कर वापस रूस लौटे | शनिवार, 20 जून 2015
पश्चिमी देशों के जुबानी हमले से नाराज रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ऑस्ट्रेलिया में चल रहे जी-20 सम्मेलन को बीच में ही छोड़ कर वापस अपने देश लौट गए हैं. सूत्रों के मुताबिक पुतिन को सम्मेलन के बाद होने वाले कार्यक्रमों तक ऑस्ट्रेलिया में ही रुकना था लेकिन, बैठक में बाकी देशों द्वारा यूक्रेन मुद्दे को लेकर रूस के रवैये की आलोचना किए जाने से वे नाराज हो गए. अपने देश के लिए उड़ान भरने से पहले उनका कहना था, ‘मैं थक गया हूं और कुछ देर सोना चाहता हूं.’ बताया जा रहा है कि पुतिन इस बात से नाराज थे कि आर्थिक मसलों पर चर्चा करने के बजाय अमेरिका और बाकी देशों ने यूक्रेन संकट का मुद्दा छेड़कर रूस पर निशाना साधना शुरू कर दिया. अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पुतिन के इस तरह चले जाने पर नाराजगी जताई है. हालांकि रूस ने पुतिन की जल्द वापसी को यूक्रेन मामले से न जोड़ने की बात कही है लेकिन, सूत्रों के मुताबिक उनकी वापसी का एकमात्र कारण यही है.