‘सिद्धू का पाकिस्तान जाना किसी अपराध से कम नहीं है.’  

— संबित पात्रा, भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता

संबित पात्रा का यह बयान शनिवार को दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए आया. उनके मुताबिक, ‘इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में नवजोत सिंह सिद्धू का पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के गले लगने को किसी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता. सिद्धू ऐसे व्यक्ति के गले लगे जो देश में अनेक मासूमों की मौतों का जिम्मेदार है.’ इसके साथ ही संबित पात्रा ने यह भी कहा कि प्रोटोकॉल के अनुसार इस कार्यक्रम में सिद्धू को विदेशी मेहमानों के साथ बैठाया जाना चाहिए था पर उन्हें पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के अध्यक्ष मसूद खान के बगल की सीट दी गई. यह अत्यंत निंदनीय है.


‘बाजवा साहब ने मुझे गले लगाकर कहा कि हम शांति चाहते हैं.’  

— नवजोत सिंह सिद्धू, पंजाब के कैबिनेट मंत्री

नवजोत सिंह सिद्धू का यह बयान पाकिस्तान के नव निर्वाचित प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण कार्यक्रम के दौरान वहां की सेना के प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के गले लगने को लेकर आया है. इस बारे में नवजोत सिंह सिद्धू का कहना है कि जनरल बाजवा ने उन्हें खुद गले लगाकर कहा था, ‘हम शांति चाहते हैं. आइये लाल सागर को छोड़कर अब एक साथ नीले सागर में तैरते हैं.’ इस दौरान सिद्धू ने यह भी कहा है कि पाकिस्तान की नवगठित सरकार भारत से दोस्ताना रिश्ते चाहती है और भारत को इस दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए.


‘लोगों में हिंदी बोलने और पढ़ने को लेकर रुचि पैदा करने की जरूरत है.’  

— सुषमा स्वराज, भारत की विदेश मंत्री

सुषमा स्वराज ने यह बात शनिवार को 11वें विश्व हिंदी सम्मेलन के आयोजन के मौके पर मॉरिशस में कही. उन्होंने कहा कि पूर्व के विश्व हिंदी सम्मेलनों में साहित्य पर ज्यादा जोर दिया गया पर इस सम्मेलन में हिंदी भाषा के प्रसार पर ध्यान केंद्रित किया गया है. सुषमा स्वराज के मुताबिक गद्य और पद्य दोनों शैलियों में उच्च स्तरीय हिंदी साहित्य उपलब्ध है. इस साहित्य को आगामी पीढ़ियों तक तभी पहुंचाया जा सकता है जब लोगों में हिंदी बोलने व पढ़ने के लिए रुचि पैदा की जाए. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि ​हिंदी को विश्व स्तर पर ले जाने के लिए भारत को अपनी जिम्मेदारियों का अहसास है और वह इस दिशा में अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करेगा.


‘कोफी अन्नान अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के रखवाले थे.’  

— नरेंद्र मोदी, भारत के प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी का यह बयान संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के पूर्व महासचिव कोफी अन्नान के निधन पर शोक जाहिर करते हुए आया है. कोफी अन्नान को महान अफ्रीकी राजनयिक और मानवतावादी बताते हुए एक ट्वीट में भारतीय प्रधानमंत्री ने यह भी लिखा है कि विकास के लक्ष्यों के प्रति उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा. 80 वर्षीय कोफी अन्नान 1997 से 2006 के दौरान दो बार संयुक्त राष्ट्र के महासचिव चुने गए थे.


‘केरल भेजी जाने वाली राहत सामग्री के लिए रेलवे कोई शुल्क नहीं लेगा.’  

— पीयूष गोयल, केंद्रीय रेल मंत्री

पीयूष गोयल ने यह बात शनिवार को एक ट्वीट के जरिये कही. उनके मुताबिक आपदाओं से प्रभावित राज्यों की मदद के लिए हमेशा देश के दूसरे राज्य सरकारों की एजेंसियां, सार्वजनिक उपक्रम और अन्य संस्थान मदद पहुंचाने के उद्देश्य से राहत व बचाव सामग्री भेजते हैं. मौजूदा हालात के मद्देनजर केरल तक यह सामग्री भेजे जाने के लिए रेलवे कोई ढुलाई भाड़ा नहीं लेगा. इस दौरान केरल को हर संभव सहायता मुहैया कराने के प्रति उन्होंने केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई है.


‘केरल की मदद के लिए कांग्रेस के सांसद और विधायक एक महीने का वेतन दान करेंगे.’  

— राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

राहुल गांधी का यह बयान केरल में बारिश और बाढ़ से बनी भीषण स्थिति पर पार्टी की तरफ से की जाने वाली मदद को लेकर आया है. कांग्रेस अध्यक्ष के मुताबिक मूसलाधार बारिश और बाढ़ से केरल को अब तक तीन हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है. ऐसे में राहुल गांधी ने राज्य की इस समस्या को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग भी की है. उधर, शनिवार को राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री राहत कोष से केरल को 500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है. इस बीच बिहार, ओडिशा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों ने भी केरल को वित्तीय मदद मुहैया कराने का ऐलान किया है.