अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने देश के हर राज्य में एक ‘वॉर रूम’ स्थापित करने की योजना बनाई है. इन ‘वॉर रूम्स’ से स्थानीय आंकड़ों को इकट्ठा करके दिल्ली के अशोक रोड स्थि​त भाजपा के पूर्व मुख्यालय में बनाए गए ‘केंद्रीय वॉर रूम’ में भेजा जाएगा. बताया गया है कि पार्टी को इससे स्थानीय मुद्दों को समझते हुए चुनावी रणनीति बनाने में मदद मिलेगी. सोशल मीडिया के जरिये किए जाने वाले पार्टी प्रचार में भी इन ‘वॉर रूम्स’ की मदद ली जाएगी.

द हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था, कंप्यूटर, प्रिंटर, सर्वर और 10 एमबीपीएस रफ्तार की इंटरनेट सुविधा वाले इन ‘वॉर रूम्स’ में बैठकों के लिए भी जगह बनाई गई है. भाजपा ने इन ‘वॉर रूम्स’ को ‘राज्य संपर्क केंद्र’ का नाम दिया है. पार्टी के एक नेता के मुताबिक जैसे-जैसे आम चुनाव नजदीक आते जाएंगे इनके दायरे को विस्तार दिए जाने की योजना है.

भाजपा के एक नेता के मुताबिक 300 कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली के केंद्रीय ‘वॉर रूम’ ने काम करना शुरू कर दिया है. इसके अलावा बीती 15 अगस्त से कई राज्यों के संपर्क केंद्रों ने भी चुनावी तैयारियों को लेकर मोर्चा संभाल लिया है. उनका यह भी कहना है कि इस साल के अंत में होने वाले राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के चुनावों में भी इन ‘वॉर रूम्स’ की मदद ली जाएगी.

हालांकि ‘वॉर रूम्स’ बनाकर भाजपा के लिए चुनावी तैयारियां करने का यह कोई नया फॉर्मूला नहीं है. इससे पहले 2009 के आम चुनाव में लालकृष्ण आडवाणी के लिए केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार के बंगले का इस्तेमाल ‘वॉर रूम’ के तौर पर किया गया था. इसी तरह 2014 के चुनाव के दौरान दिल्ली के लोधी एस्टेट स्थित यशो नाइक के बंगले का वॉर रूम के तौर पर इस्तेमाल हुआ था. तब भाजपा की तरफ से प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी के पक्ष में इसी बंगले से सोशल मीडिया पर जमकर प्रचार किया गया था.