बक़रीद (बक़र ईद) का त्यौहार आने वाला है. देश भर में मुस्लिम समुदाय इसकी तैयारियों में लगा हुआ है. इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें एक इस्लामिक दस्तरख़्वान में कुछ मुस्लिम बच्चों को बरतन साफ़ करते देखा जा सकता है. लेकिन जिस तरह से बरतन साफ़ किए जा रहे हैं उसके ज़रिए लोगों में भ्रम पैदा करने की कोशिश की जा रही है.

यह वीडियो फ़ेक न्यूज़ फैलाने के लिए बदनाम ‘शंखनाद’ की फ़ेसबुक प्रोफ़ाइल से भी शेयर किया गया है. यही इस पर शक करने के लिए काफ़ी है. वीडियो एडिट नहीं किया गया है. इसमें जो दिखाया गया है वह पूरी तरह सही है. लेकिन, यह पूरी कहानी पेश नहीं करता.

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दूसरे संप्रदाय के लोग इसे देख कर भ्रमित हो रहे हैं. इस महीने ईद का त्यौहार भी है जो इसी हफ़्ते मनाया जाना है. हर मुस्लिम परिवार उस दिन दावत देगा. सवाल उठता है कि क्या यह वीडियो ईद से कुछ दिन पहले इसलिए शेयर किया गया ताकि दूसरे संप्रदाय के लोग ईद की दावतों पर जाने से परहेज़ करें. शंखनाद का इतिहास बताता है कि ऐसा हो सकता है.

बहरहाल, इस वीडियो को देख कर किसी भी तरह की ग़लतफ़हमी में आने की ज़रूरत नहीं है. ये बच्चे खाने को लेकर इस्लामिक अदब (शिष्टाचार) का पालन कर रहे हैं. आप गूगल पर ‘खाना और इस्लाम’ टाइप कर आसानी से इस वीडियो का सच जान सकते हैं.

इस बारे में इस्लामीजानकारी.कॉम नाम की एक वेबसाइट पर दी गई जानकारी पढ़ कर पता चलता है कि खाने को लेकर मुस्लिम समाज में क्या नियम-क़ायदे अपनाए जाते हैं. उन्हीं में से एक नियम यह है कि खाने के बरतन में डाला गया अन्न का एक-एक दाना खाया जाना चाहिए. प्लेट या कोई और बरतन पूरी तरह चाट लिया जाना चाहिए ताकि उसमें कुछ न बचे. वहीं, चाट कर साफ़ करने को बुरा मानना अच्छा नहीं माना जाता.

इस्लामीजानकारी.कॉम
इस्लामीजानकारी.कॉम

अगर खाने वाले से बरतन का कोई हिस्सा चाटे बिना छूट गया है तो फिर दस्तरख़्वान में उसे साफ़ करने वाला व्यक्ति उसे चाट कर साफ़ करेगा. अगर ऐसा नहीं होता और बरतन ज़रा भी गंदा रह जाए तो इसे सुन्नत (नियम-क़ायदा) की तौहीन माना जाता है. हमने एक मुस्लिम जानकार अख़्लास अहमद से इस बारे में पूछा कि क्या मुस्लिम समुदाय में खाना इसी तरह खाया जाता है. उन्होंने बताया कि वे खाने के बरतन पूरी तरह सफ़ाचट करते हैं. कोई भी हिस्सा जूठा नहीं छोड़ते.

अब आते हैं सफ़ाई पर. इस बारे में भी किसी भी तरह के बहकावे में आने की ज़रूरत नहीं है. खाना खाने के बाद दस्तरख़्वान में बरतनों की चेकिंग के बाद उन्हें ख़ूब अच्छे से धोया जाता है. ठीक वैसे जैसे हर घर में होता है. यानी वीडियो के आधार पर किया जा रहा दावा ग़लत है.