भड़काऊ भाषण देने के मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा है कि वह बताए कि मुख्यमंत्री के ऊपर मुकदमा क्‍यों न चलाया जाए. कोर्ट ने उससे चार हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है.

यह मामला 2007 का है. एक स्थानीय अदालत ने इस मामले को खारिज कर दिया था. इसकी वजह यह थी कि तब सांसद रहे योगी आदित्यनाथ पर राज्य सरकार ने मामला चलाने की मंजूरी नहीं दी थी. स्थानीय अदालत के इस फैसले को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी बरकरार रखा था. हाई कोर्ट के इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है.

जनवरी 2007 में आदित्यनाथ पर आरोप लगा था कि उन्होंने गोरखपुर रेलवे स्टेशन के बाहर भड़काऊ भाषण दिया. इसके बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश के इस कस्बे में हिंसा की कई घटनाएं हुई थीं. पुलिस ने इनके संबंध में आदित्यनाथ के खिलाफ मामला भी दर्ज किया था. लेकिन मई 2017 में राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री के खिलाफ मामला चलाने की इजाजत देने से इनकार कर दिया.