पाकिस्तान के नवनिर्वाचित विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सोमवार को दावा किया था कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष इमरान खान को दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू करने का प्रस्ताव दिया है. लेकिन पाकिस्तानी विदेश मंत्री के इस दावे को भारत की तरफ से खारिज किए जाने के बाद पाकिस्तान की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि उनके विदेश मंत्री की तरफ से ऐसा कोई दावा नहीं किया गया है.

एएनआई के मुताबिक महमूद कुरैशी ने सोमवार को अपने पद और गोपनीयता की शपथ लेने के बाद एक प्रेस वार्ता में यह भी कहा था कि भारत और पाकिस्तान को जोखिमभरे आपसी संबंधों को छोड़कर बातचीत की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए. इस दौरान अपने भारतीय समकक्ष को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा था कि सुषमा स्वराज को समझना चाहिए कि भारत और पाकिस्तान सिर्फ पड़ोसी ही नहीं बल्कि ‘परमाणु शक्तियां’ भी हैं.

खबरों के मुताबिक बीते शनिवार को इमरान खान के पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद नरेंद्र मोदी ने उन्हें चिट्ठी के जरिये बधाई दी थी. इसमें उन्होंने लिखा था कि भारत अपने हर पड़ोसी के साथ अच्छे संबंध चाहता है और वह पाकिस्तान के साथ भी शांतिपूर्ण रिश्तों के लिए प्रतिबद्ध है. इस चिट्ठी में दोनों देशों के बीच सार्थक व सकारात्मक साझेदारी के प्रति भी आशा भी जताई गई थी. लेकिन इस पत्र में नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान को किसी तरह की बातचीत का प्रस्ताव नहीं दिया है.