‘​बकरीद के मौके पर खुले में कुर्बानी न हो और नालियों में खून न बहाया जाए.’  

— योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री

योगी आदित्यनाथ का यह बयान इसी हफ्ते बुधवार को मनाई जाने वाली ईद से पहले आया है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के मुताबिक धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन इस तरह किया जाना चाहिए जिससे कि दूसरे समुदाय की भावनाएं आहत न हों. योगी आदित्यनाथ के इस बयान को लेकर प्रदेश में राजनीति गरमा गई है. विपक्षी दलों ने प्रदेश सरकार पर एक खास एजेंडे को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया है.


‘मैंने कभी सोचा भी न था कि मुझे ऐसी सभा को संबोधित करना पड़ेगा जिसमें अटल जी नहीं होंगे.’  

— लालकृष्ण आडवाणी, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता

लालकृष्ण आडवाणी ने यह बात दिल्ली में भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद में आयोजित एक श्रद्धांजलि सभा के दौरान कही. रुंधे गले से अपनी बात रखते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि अपने 65 साल पुराने दोस्त को खो देने का दर्द वे शब्दों में बयान नहीं कर सकते. यादों की गहराई में डूबकर कई साल पुराने एक वाकये का जिक्र करते हुए उन्होंने यह भी कहा, ‘मेरी आत्मकथा के विमोचन के मौके पर अटल जी शरीक नहीं हो पाए थे. इस बात का मुझे बेहद कष्ट हुआ था. आज अटलजी ही हमारे बीच में नहीं हैं, आप लोग समझ सकते होंगे कि मुझे कितना कष्ट हो रहा होगा. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अलावा कांग्रेस के कई अन्य नेताओं ने भी इस मौके पर भूतपूर्व प्रधानमंत्री से जुड़ी यादें साझा कीं.


‘रामजन्म भूमि का मुद्दा आपसी बातचीत या अदालत से हल नहीं होता तो सरकार कानून बनाकर मंदिर निर्माण कराएगी.’  

— केशव प्रसाद मौर्य, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री

केशव प्रसाद मौर्य ने राम मंदिर के मुद्दे को भाजपा का पुराना वादा बताते हुए कहा है कि मंदिर निर्माण के लिए उनकी पार्टी प्रतिबद्ध है. उनका यह भी कहना है कि राज्यसभा में कम सीटें होने की वजह से पार्टी इस संबंध में अध्यादेश नहीं ला रही है लेकिन अगर मंदिर निर्माण के संबंध में कोई विकल्प नहीं बचता तो केंद्र सरकार कानून लाने के विकल्प से भी पीछे नहीं हटेगी. उधर, विपक्षी दलों ने केशव प्रसाद मौर्य के इस बयान को महज एक चुनावी बयान करार दिया है.


‘नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेसी नेता नहीं बल्कि इमरान खान के दोस्त के तौर पर पाकिस्तान गए थे.’  

— जयवीर शेरगिल, कांग्रेस प्रवक्ता

जयवीर शेरगिल का यह बयान पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से गले मिलने को लेकर आया है. जयवीर शेरगिल के मुताबिक इस मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पार्टी की राय पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं ऐसे में कांग्रेस को इस पर और कुछ नहीं कहना. इससे पहले सोमवार को अमरिंदर सिंह ने सिद्धू के पाकिस्तानी सेना प्रमुख के लगे लगने को गलत बताया था.


‘कपिल देव के साथ मेरी तुलना मत कीजिए, मुझे हार्दिक ही रहने दीजिए’  

— हार्दिक पंड्या, भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी

हार्दिक पंड्या का यह बयान पत्रकारों से बातचीत करते हुए आया. उनके मुताबिक उन्होंने अभी अपने करियर के 40 एकदिवसीय और 10 टेस्ट मैच ही खेले हैं, ऐसे में पूर्व दिग्गज खिलाड़ी के साथ उनकी तुलना ठीक नहीं है. इसके अलावा वे कपिल देव नहीं बनना चाहते बल्कि अपने नाम की ही एक अलग पहचान बनाने की इच्छा रखते हैं. हार्दिक पंड्या का यह भी कहना है कि यदि मीडिया कपिल देव के साथ उनकी तुलना बंद कर देता है तो उन्हें इसकी बेहद खुशी होगी.