विश्वविद्यालयों व उच्च शिक्षा संस्थानों में जंक फूड की बिक्री पर पाबंदी लगा दी गई है. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने अपने अंतर्गत आने वाले सभी शैक्षणिक संस्थानों को इसके लिए निर्देश जारी किए हैं.

पीटीआई के मुताबिक आयोग ने संस्थानों से कहा है, ‘कॉलेजों में जंक फूड को प्रतिबंधित करने से स्वास्थ्यप्रद खाने को लेकर नए मानदंड स्थापित होंगे, यह छात्रों के जीवन को बेहतर बनाएगा, उनमें सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाएगा और उनमें मोटापा कम करेगा.’ यूजीसी ने यह सर्कुलर मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश पर जारी केिया है.

इसी तरह का एक और सर्कुलर नवंबर, 2016 में भी जारी किया गया था. इसका मकसद युवाओं को जंक फूड से स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान की जानकारी देना था. इस सर्कुलर में विश्वविद्यालयों को स्टाफ और कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य से संबंधित कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश भी दिया गया था. हालिया आदेश में यूजीसी ने शैक्षणिक संस्थानों को 2016 के निर्देशों का पालन करने के लिए भी कहा है.

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीेएसई) ने भी 2016 में अपने सभी स्कूलों को कैंटीन में जंक फूड प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया था. साथ ही स्कूल के अधिकारियों को पौष्टिक आहार के बारे में छात्रों को जागरुक करने का निर्देश भी दिया गया था.