छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के कलेक्टर हैं ओपी चौधरी. उम्र महज 37 साल है. वे 2005 बैच के आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) हैं. लेकिन ख़बर है कि वे अब नेता बनने की तैयारी में हैं. चौधरी जल्द ही भाजपा में शामिल हो सकते हैं.

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक विभिन्न सूत्रों ने चौधरी के बारे में इस संभावना की पुष्टि की है. बताया जाता है कि बीते दो महीने से भाजपा उनसे संपर्क में है. उन्हें इसी साल के आख़िर में होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव में उनके गृह नगर रायगढ़ से पार्टी उम्मीदवार बनाया जा सकता है. वे रायगढ़ के बयंग गांव के रहने वाले हैं. खेती-बाड़ी करने वाले अघरिया समुदाय में उनका काफी असर है. जबकि यह समुदाय इस पूरे इलाके में असर रखता है. चौधरी का परिवार ख़ुद भी खेती-बाड़ी ही करता है.

कलेक्टर के तौर पर चौधरी ने कई उल्लेखनीय और चर्चित काम किए हैं. ख़ास तौर पर शिक्षा के क्षेत्र में. दंतेवाड़ा कलेक्टर के तौर पर उन्हें वहां ‘शिक्षा नगर’ स्थापित करने का श्रेय जाता है. रायपुर में भी उन्होंने ‘नालंदा परिसर’ के नाम से एक ऐसा ही क्षेत्र विकसित किया है. यहां सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे सामुदायिक अध्ययन-अध्यापन की सुविधा उपलब्ध रहती है. उनके ऐसे कामों के लिए उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ‘उत्कृष्ट लोक प्रशासक’ का पुरस्कार भी दिया जा चुका है.

जहां तक भाजपा में शामिल होने का सवाल है तो इस पर चौधरी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता सच्चिदानंद उपासने ने कहा है, ‘कोई अगह हमसे जुड़ना चाहता तो हम उसका स्वागत करेंगे.’ जबकि विपक्षी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता शैलेष नितिन त्रिवेदी ने कहा है, ‘अब तक भाजपा अफसरों को अपनी गंदी राजनीति के लिए पर्दे के पीछे से इस्तेमाल करती रही है. लेकिन अब यदि ये अफसर खुलकर सामने आते हैं तो हम उनका स्वागत करेंगे. उन्हें हराकर मजा चखाएंगे.’