महाराष्ट्र में औरंगाबाद से आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन (एआईएमआईएम) के निगम पार्षद सैयद मतीन रशीद को एक साल के लिए जेल भेज दिया गया है. उनके खिलाफ यह कार्रवाई महाराष्ट्र खतरनाक गतिविधि रोकथाम कानून (एमपीडीए) के तहत की गई है.
द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक सैयद मतीन रशीद ने बीते दिनों औरंगाबाद नगर निगम सदन में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की श्रद्धांजलि सभा का विरोध किया था. उनके ऐसा करने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कुछ दूसरे पार्षदों ने सदन में ही उन पर हमला बोलते हुए उनके साथ मारपीट की थी. भाजपा की तरफ से इसके बाद उनके खिलाफ दो समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी.
इस मामले में बीते मंगलवार को उन्हें जमानत मिल गई थी. लेकिन जमानत पर रिहा होने के चंद मिनटों बाद उन्हें एमपीडीए के तहत दोबारा हिरासत में ले लिया गया. फिर उन्हें औरंगाबाद की हरसुल जेल भेज दिया गया. औरंगाबाद के आयुक्त चिरंजीव प्रसाद ने भी उनके जेल भेजे जाने की पुष्टि करते हुए कहा, ‘एआईएमआईएम पार्षद को आगजनी, दंगा, सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने जैसे गंभीर आरोपों के तहत एक साल के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.’
सैयद मतीन रशीद के खिलाफ इससे पहले राष्ट्र गान का विरोध करने को लेकर भी मामला दर्ज कराया जा चुका है. उधर, औरंगाबाद से एआईएमआईएम विधायक सय्यद इम्तियाज जलील ने अपनी पार्टी के पार्षद पर लगे इन दोनों मामलों को राजनीति से प्रेरित बताया है. साथ ही मतीन रशीद को जेल भेजे जाने को उन्होंने बेहद सख्त कदम भी करार दिया है. उनका कहना है कि सदन में सैयद मतीन रशीद के साथ भाजपा पार्षदों ने मारपीट की थी पर इस बात को नजरअंदाज कर दिया गया. मतीन रशीद की जमानत के लिए उन्होंने अब हाईकोर्ट में अपील करने की बात भी कही है.
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