खरीफ की फसल आने में अभी एक महीने का वक़्त है. लेकिन आने वाले महीनों में किसानों में किसी तरह का असंतोष पैदा न हो इसलिए राज्य की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने अभी से बंदोबस्त करना शुरू कर दिया है. इसके लिए पहले कानून बनाया गया है. इसमें इंतज़ाम किया गया है कि अगर फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम पर खरीदा गया तो ऐसा करने वाले को एक साल तक की सजा हाे सकती है. साथ ही 50 हजार रुपए का ज़ुर्माना भी लगाया जा सकता है.

द इंडियन एक्स्रपेस मुताबिक नए कानून को प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार महराष्ट्र एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केटिंग (डेवलमपेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट-1963 में संशोधन कर रही है. इसके अलावा राज्य में अलग-अलग मंडियों की व्यवस्था भी ख़त्म की जा रही है. अब पूरा राज्य में एकीकृत बाज़ार होगा. व्यापारी राज्य की किसी भी मंडी से खरीदी करने में सक्षम होंगे. उन्हें अलग-अलग मंडियों के लाइसेंस की ज़रूरत नहीं होगी. इससे किसानों को भी फायदा होगा.

ख़बर के मुताबिक किसानों को उनकी उपज का एमएसपी मिलना तो सुनिश्चित होगा ही, हर मंडी में अधिक से अधिक ख़रीदार उपलब्ध होंगे इसलिए वे उससे ज़्यादा मूल्य पर भी फसल बेच सकेंगे. ग़ौरतलब महाराष्ट्र में बीते दो साल से लगातार किसानों में इस बात को लेकर असंतोष है कि उन्हें उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है. जबकि उन पर कर्ज़ का बोझ लगातार बढ़ रहा है. इसे लेकर वहां समय-समय पर आंदोलन भी होते रहे हैं.

इनमें राज्य सरकार ने किसानों का कर्ज़ माफ करने की घोषणा पहले ही कर दी थी. इस पर अमल भी हो रहा है. फसलों के उचित मूल्य कानूनी बंदोबस्त अब किया गया है. यहां यह भी ध्यान रखने की बात है कि महाराष्ट्र में अगले ही साल विधानसभा चुनाव हैं. इस बारे में अटकलें लगाई जा रही हैं कि ये चुनाव लोक सभा के साथ कराए जा सकते हैं.