पिछले कुछ समय से आपसी अविश्वास कम करने में जुटे भारत और चीन अब सैन्य सहयोग बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं. गुरुवार को नई दिल्ली में भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और चीन के रक्षा मंत्री वेई फेंग के बीच हुई बैठक में यह सहमति बनी है. चीनी रक्षा मंत्री भारत के अपने चार दिवसीय दौरे के तहत मंगलवार को नई दिल्ली पहुंचे थे. एनडीटीवी के मुताबिक दोनों देशों ने डोकलाम टकराव जैसी स्थिति से बचने के लिए सेना के विभिन्न स्तरों पर संपर्क और सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है. इस बैठक में दोनों देशों की सेनाओं के बीच प्रस्तावित हॉटलाइन सेवा को भी जल्द शुरू करने को लेकर बातचीत हुई है.

सूत्रों के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच सीमा पर आतंकवाद, अफगानिस्तान में शांति व दक्षिण चीन सागर में परिवहन जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई है. इसके अलावा भारत ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सी-पैक) पर एक बार फिर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है. चीन की इस परियोजना का एक हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरता है, जिससे भारत की संप्रभुता का हनन होता है.

बताया जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान चीन के वुहान में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई बैठक में बनी सहमतियों को लागू करने के तौर-तरीकों पर मुख्य रूप से बातचीत हुई है . बीते 27-28 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक अनौपचारिक मुलाकात हुई थी. इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच डोकलाम विवाद के बाद द्विपक्षीय संबंधों को फिर बेहतर करने पर बात हुई थी.