भारत के खाते में जल्द ही एक और उपलब्धि दर्ज़ होने वाली है. जैवईंधन (बायो फ़्यूल) से विमान उड़ाने की. ख़बरों की मानें तो इस तरह की पहली उड़ान सोमवार को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से रवाना होकर दिल्ली पहुंचने वाली है.

द इकॉनॉमिक टाइम्स के अनुसार जैवईंधन से संचालित होने वाली यह उड़ान स्पाइसजेट की है. देश में जैवईंधन से विमान उड़ाने का यह पहला प्रयोग होगा. इसके बाद साथ ही भारत दुनिया के उन चंद देशों में शुमार हो जाएगा जो इस तरह के प्रयोग कर रहे हैं. इनमें अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देश शामिल हैं, जो वैकल्पिक ईंधन के प्रयोग से विमान उड़ाने का परीक्षण पहले से ही कर रहे हैं. अलबत्ता विकासशील देशों में यह प्रयोग करने वाला भारत पहला देश है.

बताया जाता है कि देहरादून में ही पहले स्पाइसजेट के विमान को जैवईंधन से उड़ाने का 10 मिनट तक परीक्षण होगा. इसके सफल रहने पर नियमित उड़ान देहरादून से दिल्ली के लिए रवाना की जाएगी. परीक्षण उड़ान के दौरान नागरिक उड्‌डयन मंत्रालय, नागरिक उड्‌डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और विमान कंपनी के वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे. वैसे जैवईंधन से संचालित दुनिया की पहली उड़ान इसी जनवरी में लॉस एंजिलिस (अमेरिका) से मेलबोर्न (ऑस्ट्रेलिया) पहुंची थी.

इस प्रयोग के दो मक़सद बताए जाते हैं. पहला- हवाई यात्रियों को ऊंचे किराए से राहत देना और दूसरा विमानन कंपनियों को भी तेल की लगातार बढ़ती कीमतों से राहत देना. दोनों मकसद एक-दूसरे से स्वाभाविक तौर पर जुड़े भी हैं क्योंकि जब विमानन कंपनियों को तेल की बढ़ती कीमतों से राहत मिलेगी ताे उड़ानों के संचालन में उनकी लागत भी कम होगी. इसके बाद वे हवाई यात्रियों को किराए में भी राहत दे पाएंगी. ये कंपनियां तेल की बढ़ती कीमतों पर अक्सर चिंता जताती हैं.