कांग्रेस नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के शुक्रवार को दिए गए एक बयान ने राज्य की राजनीति में पहले से मची हलचल को और तेज कर दिया है. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार शुक्रवार को सिद्धारमैया कर्नाटक के हासन जिले में थे. यहां एक अखबार से बात करते हुए उनका कहना था, ‘मैं मुख्यमंत्री बनना चाहता हूं और बनूंगा भी. 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद विरोधी मेरे खिलाफ एकजुट हो गए थे इसलिए मुझे यह पद नहीं मिल पाया... लेकिन राजनीति हमेशा एक-सी नहीं रहती.’

सिद्धारमैया का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य की कांग्रेस और जेडीएस की गठबंधन सरकार में आंतरिक कलह की खबरें लगातार मीडिया में आ रही हैं. उधर राज्य के मुख्यमंत्री और जेडीएस के मुखिया एचडी कुमारस्वामी ने शनिवार को कहा है कि उनकी सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है. कुमारस्वामी के मुताबिक, ‘मुझे मीडिया से पता चल रहा है कि सितंबर तक राज्य में नई सरकार बनेगी और एक व्यक्ति मुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार बैठा है. लेकिन मैं अपनी कुर्सी बचाने का प्रयास नहीं करूंगा. मैं जब तक इस पद पर हूं अच्छा काम करता रहूंगा.’

हालांकि कांग्रेस ने ऐसी किसी भी संभावना से इनकार किया है. पार्टी के नेता और कर्नाटक के राजस्व मंत्री देशपांडे के मुताबिक गठबंधन सरकार में कोई कलह नहीं है और कुमारस्वामी अपना कार्यकाल पूरा करेंगे. वहीं शनिवार को सिद्धारमैया ने भी बीच कार्यकाल में कुमारस्वामी को पद से हटाए जाने की संभावना को खारिज किया है. मैसुरू में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा है, ‘अगर जनता आशीर्वाद देगी तो मैं पांच साल बाद अगले विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री बनूंगा.’