बिहार के राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं. केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के नेता उपेंद्र कुशवाहा ने लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी के साथ गठबंधन के संकेत दिए हैं. शनिवार को पटना में अपनी पार्टी के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने इशारों-इशारों में कहा कि यदि यादवों का दूध और कुशवाहा का चावल मिल जाए तो एक बढ़िया खीर बन सकती है.

केंद्रीय मंत्री का कहना था, ‘यदुवंशी (यादव) का दूध और कुशवंशी (कोइरी समुदाय) का चावल मिल जाए तो खीर बढ़िया होगी. इस स्वादिष्ट व्यंजन को बनने से कोई रोक नहीं सकता है.’ कुशवाहा ने इशारों-इशारों में ही अन्य पिछड़ा वर्ग, महा पिछड़ा वर्ग और दलितों को भी अपने साथ लाने की बात कह दी. उन्होंने कहा, ‘लेकिन इस खीर को स्वादिष्ट बनाने के लिए केवल दूध और चावल ही नहीं, छोटी जाति और दबे कुचले समाज का पंचमेवा भी चाहिए.’

उपेंद्र कुशवाहा के बयान के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कुशवाहा से बिहार के महागठबंधन में शामिल होने की अपील की है. नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने कुशवाहा के इस बयान को लेकर उन पर निशाना साधा है. जेडीयू के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘उपेंद्र कुशवाहा नीतीश कुमार के कद से मेल नहीं खाते हैं, इसी वजह से वह उनसे जलते हैं. कुशवाहा ने यह बयान चर्चा में आने के लिए दिया है.’