अमेरिकी सीनेटर जॉन मैक्केन का शनिवार को निधन हो गया. वे जुलाई 2017 से मस्तिष्क के कैंसर से पीड़ित थे. 81 साल के मैक्केन 2008 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार रहे थे. उन्होंने तीन दशकों तक सीनेटर के रूप में एरिजोना का प्रतिनिधित्व किया. वे दो बार राष्ट्रपति पद का चुनाव भी लड़े, लेकिन विफल रहे. पहले वे जॉर्ज डब्ल्यू बुश से प्राथमिक चुनाव प्रचार अभियान में हार गए. उसके बाद 2008 में बराक ओबामा ने उन्हें मात दी.

लेकिन जॉन मैक्केन की सबसे बड़ी पहचान वियतनाम युद्ध के नायक के रूप में थी. 29 अगस्त, 1936 को पनामा कैनाल जोन में जन्मे मैक्केन के पिता सेना में थे. 1967 में वे अमेरिकी नौसेना अकादेमी में शामिल हुए. उस समय उत्तरी वियतनाम में चल रहे संघर्ष के दौरान वे घायल हुए और बंदी बना लिए गए. जब दुश्मनों ने अपने फायदे के लिए उन्हें छोड़ने का प्रस्ताव दिया तो मैक्केन ने उसे ठुकरा दिया. वे अपने पिता के साथ पांच साल तक युद्ध बंदी रहे. बाद में कैद के दौरान मिली प्रताड़नाओं के चलते उन्होंने समझौते पर हस्ताक्षर किए. वह उनके जीवन का सबसे मुश्किल वक्त था. 1973 में हुए पेरिस शांति समझौते के तहत उन्हें छोड़ दिया गया. लेकिन कैद के दौरान उन्हें जो तकलीफे झेलनी पड़ीं, उनके चलते वे नेवी में बतौर पायलट नहीं लौट सके. हालांकि आगे चल कर वे इससे उबरे और अमेरिकी राजनीति में एक अलग मुकाम हासिल किया. मैक्केन कहा करते थे कि वियतनाम की कैद से निकलने के बाद उन्होंने खुद पर भरोसा करना सीखा.

जॉन मैक्केन मस्तिष्क कैंसर से परेशान जरूर थे लेकिन पूरी तरह असक्रिय नहीं हुए थे. हाल के समय में उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीखी आलोचना की थी. उन्होंने कई बार कहा कि वे ट्रंप और उनकी ‘अमेरिका फर्स्ट’ की विचारधारा को वैश्विक नेतृत्व के मूल्यों और परंपराओं के भटकाव के रूप में देखते हैं. बीती जुलाई में ट्रंप के रूस के दौरे के दौरान दिए विवादित बयानों पर वे जम कर बरसे. उन्होंने ट्रंप के प्रदर्शन को किसी अमेरिकी राष्ट्रपति का सबसे अपमानजनक प्रदर्शन बताया था.

उधर, डोनाल्ड ट्रंप भी अपनी शैली के मुताबिक व्यवहार करते रहे. 2016 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान उन्होंने मैक्केन की ‘युद्ध नायक’ की छवि पर सवाल खड़ा किया था. फिर वोटिंग से एक महीने पहले महिलाओं के बारे में ट्रंप का विवादित ऑडियो सामने आया तो मैक्केन ने कहा कि वे ऐसे रिपब्लिकन उम्मीदवार को वोट करेंगे जो राष्ट्रपति पद के लायक हो. वहीं, जब अफोर्डेबल केयर एक्ट (जिसे ओबामा केयर कहा जाता है) पर मैक्केन ने सीनेट में ट्रंप सरकार के खिलाफ वोट किया तो दोनों नेताओं के बीच तनातनी खुल कर सामने आ गई. जॉन मैक्केन के परिवार के लोगों और मित्रों का कहना था कि मैक्केन ने पिछले साल ही अपने अंतिम संस्कार की योजना तैयार कर ली थी. यह उनकी इच्छा थी कि उनके अंतिम संस्कार में डोनाल्ड ट्रंप को न बुलाया जाए.