मौजूदा वित्त वर्ष (2018-19) में सकल घरेलू उत्पाद की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के आंकड़े मोदी सरकार के लिए राहत लेकर आए हैं. केन्द्र सरकार के सांख्यिकी विभाग (सीएसओ) के द्वारा जारी इन आंकड़ों के मुताबिक पहली तिमाही में भारत की विकास दर 8.2 फीसदी के स्तर पर रही. पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह आंकड़ा 5.59 फीसदी था. यह पिछले दो सालों के दौरान किसी भी तिमाही में विकास दर का सबसे ऊंचा आंकड़ा है. उधर, चीन के लिए यह आंकड़ा 6.7 रहा. इस तरह देखा जाए तो सबसे तेज गति से विकास कर रही अर्थव्यवस्था के रूप में भारत ने अपनी जगह और पक्की कर ली है.

इस तिमाही में कृषि क्षेत्र की विकास दर 4.5 से बढ़कर 5.3 फीसदी हो गई है. वहीं, निर्माण यानी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में यह आंकड़ा 9.1 से बढ़कर 13.5 फीसदी हो गया है. विनिर्माण या कंस्ट्रक्शन क्षेत्र की विकास दर में सबसे अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है जो 8.7 फीसदी हो गई है. पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 1.8 फीसदी था.