तेलंगाना में समय से पहले विधानसभा चुनाव होने की अटकलें लगाई जा रही थीं. अब खबर है कि मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव जल्दी ही विधानसभा भंग करने की घोषणा कर सकते हैं. तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के एक नेता के हवाले से हिंदुस्तान टाइम्स ने बताया कि राव इसी महीने के मध्य में यह घोषणा कर सकते हैं.

इस साल नवंबर-दिसंबर में चार राज्यों - मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मिजोरम - में विधानसभा चुनाव होने हैं. अगर राव ने इसी महीने विधानसभा भंग कर दी तो तेलंगाना में भी इसी साल चुनाव होंगे. बता दें कि तेलंगाना सरकार का कार्यकाल केंद्र सरकार के कार्यकाल के साथ खत्म होना था. अप्रैल-मई 2019 में लोकसभा चुनाव के साथ तेलंगाना में विधानसभा चुनाव भी होते.

टीआरएस के एक नेता की मानें तो पार्टी को यकीन है कि तेलंगाना के लोगों में उसकी साख काफी ज्यादा है, लिहाजा वह पहले ही इसका लाभ उठाना चाहती है. इस नेता हाल में टीआरएस द्वारा राज्य में किए गए एक सर्वे का भी जिक्र किया. इसके मुताबिक अगर अगले कुछ महीनों में चुनाव हो जाए तो पार्टी को 117 में से 100 सीटें मिल सकती हैं.

इस संबंध में पार्टी रविवार को इब्राहिमपटनम में रैली का आयोजन करेगी. उसमें वह लोगों को अपनी सरकार के कार्यक्रमों और उपलब्धियों के बारे में बताएगी. टीआरएस के नेता पल्ला राजेश्वर रेड्डी का कहना है कि रैली में राज्य के सभी जिलों से पार्टी कार्यकर्ताओं समेत करीब 25 लाख लोग हिस्सा लेंगे. उन्होंने कहा कि इस दौरान चंद्रशेखर राव विधानसभा को लेकर पार्टी को दिशा-निर्देश भी देंगे.

हाल में राज्य सरकार जिस तरह के कदम उठाए हैं उनसे भी संकेत मिलते हैं कि टीआरएस जल्दी ही चुनाव कराने के मूड में है. कुछ समय पहले उसने किसानों के लिए कई ऐलान किए थे. अगस्त के पहले हफ्ते में उसने राज्य के 28 लाख किसानों के लिए जीवन बीमा योजनाओं की शुरुआत की थी. इसके लिए सरकार ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को बतौर प्रीमियम 600 करोड़ रुपये का भुगतान किया था. वहीं, रबी और खरीफ किसानों के लिए उसने ‘ऋतु बंधु’ योजना की शुरुआत की थी. इसके तहत प्रति एकड़ के लिए किसानों को 4,000 रुपये दिए जाएंगे.

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि राव आंध्र प्रदेश के चुनावों के साथ विधानसभा चुनाव नहीं चाहते थे. कुछ रिपोर्टों के मुताबिक तेलुगु देशम पार्टी उस समय कांग्रेस से हाथ मिला सकती है. ऐसे में तेलंगाना को लेकर राव की रणनीति प्रभावित हो सकती थी. पहले ही चुनाव कराने से राव को लोकसभा की तैयारी के लिए समय भी मिल जाएगा.