इंडोनेशिया में खेले जा रहे 18वें एशियाई खेलों के 14वें दिन कांस्य पदक के लिए हॉकी का एक मुकाबला खेला जाना है. भारतीय हॉकी टीम के लिए इस कांस्य पदक की कीमत सोने से भी ज्यादा आंकी जा रही है. वजह साफ है, क्योंकि भारत को यह मुकाबला अपने चिर-परिचित प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ खेलना है. भारतीय समयानुसार यह शनिवार को यह मुकाबला शाम चार बजे से शुरू होगा.

इससे पहले गुरुवार को खेले गए सेमीफाइनल में मलेशियाई टीम ने भारत का फाइनल में पहुंचने का सपना तोड़ दिया था. उस मुकाबले के रोमांचक पेनल्टी शूटआट में भारत को 7-6 से हार का सामना करना पड़ा था. वहीं एक अन्य सेमीफाइननल में जापान ने पाकिस्तान को 1-0 से मात देकर फाइनल में अपनी जगह बनाई थी.

दिलचस्प बात यह भी है कि एशियाई खेलों के इतिहास में यह दूसरा ऐसा मौका है जब भारत और पाकिस्तान में से कोई देश हॉकी के फाइनल में नहीं पहुंचा है. इससे पहले यह स्थिति 2006 के दोहा एशियाई खेलों के दौरान बनी थी. तब चीन और दक्षिण कोरिया के बीच फाइनल मुकाबला खेला गया था.

उधर, 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों के दौरान हॉकी का खिताबी मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच ही खेला गया था. उस बेहद रोमांचक मुकाबले का नतीजा पेनाल्टी शूटआउट से निकला था. तब भारत ने पाकिस्तान को दो के मुकाबले चार गोल से परास्त करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया था.