‘आगामी लोकसभा चुनाव के बाद जनता प्रधानमंत्री के तौर पर एक नया चेहरा देखना चाहती है.’  

— अखिलेश यादव, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष

अखिलेश यादव ने यह बात शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान कही. उनके मुताबिक आगामी आम चुनाव में देश की जनता, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विरोध में वोट डालने के लिए तैयार है. इस कार्यक्रम के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या आगामी चुनाव के बाद वे खुद को प्रधानमंत्री के नए चेहरे के तौर पर देखते है? तो इसके जवाब में समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष का कहना था कि वे इतना बड़ा सपना नहीं देखते. उनके मुताबिक 2019 के चुनाव में विपक्षी दलों का गठबंधन भाजपा को सत्ता से बेदखल कर देगा.


‘अयोध्या का राम मंदिर प्रभु राम का कार्य है और उसके निर्माण की तिथि भगवान राम ही तय करेंगे.’  

— योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री

योगी आदित्यनाथ का यह बयान दैनिक समाचार पत्र हिंदुस्तान टाइम्स की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूछे गए सवाल पर आया. राम मंदिर को लेकर उन्होंने यह भी कहा, ‘नियति ने जो कुछ तय किया है उसे टाला नहीं जा सकता. वह होकर ही रहेगा.’ इस दौरान उनका यह भी कहना था कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण भाजपा का वादा है और भाजपा अपना यह वादा पूरा करेगी. वहीं विपक्षी दलों के गठबंधन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सभी विपक्षी दल देश के विकास और केंद्र सरकार की स्थिरता से परेशान हैं इसलिए गठबंंधन की राजनीति कर रहे हैं. योगी आदित्यनाथ ने इस गठबंधन को विपक्षी दलों की ‘बौखलाहट’ बताया है.


‘लोकतंत्र अभिव्यक्ति की आजादी देता है, लेकिन देश तोड़ने की नहीं.’ 

— राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री

राजनाथ सिंह का यह बयान इसी हफ्ते पांच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद उन्हें नजरबंद किए जाने के मामले को लेकर आया. गृह मंत्री के मुताबिक भीमा-कोरेगांव मामले में आरोपित बनाए गए कार्यकर्ताओं के खिलाफ गंभीर आरोप हैं. उनका यह भी कहना है कि किसी देश को तोड़ना व किसी सरकार गिराने की साजिश रचना और अपनी विचारधारा के जरिये से हिंसा को बढ़ावा देने से बड़ा कोई दूसरा अपराध नहीं हो सकता. राजनाथ सिंह का यह भी कहना है​ कि देश में नक्सलवाद अब सिर्फ 10-12 राज्यों तक सिमट गया है ऐसे में नक्सलवादी शहरी लोगों को अपनी विचारधारा से प्रभावित करने का रास्ता अपना रहे हैं.


‘बाबूलाल गौर ही क्यों, शिवराज सिंह चौहान का भी कांग्रेस में स्वागत है!’  

— कमलनाथ, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

कमलनाथ का यह बयान एक प्रेस वार्ता के दौरान पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए आया है. इससे पहले इसी शुक्रवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल गौर ने मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में कमलनाथ की काफी तारीफ की थी. इसी को लेकर कमलनाथ से सवाल किया गया था कि क्या बाबूलाल गौर को वे कांग्रेस में बुलाने की इच्छा रखते हैं. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान जब वे केंद्रीय शहरी विकास मंत्री थे तो उस वक्त बाबूलाल गौर मध्य प्रदेश सरकार में शहरी विकास मंत्री थे. कमलनाथ के मुताबिक उस कार्यकाल के दौरान उन्होंने सबसे ज्यादा राशि मध्य प्रदेश के विकास के लिए आवंटित की थी.