तेलंगाना कांग्रेस ने रविवार को कहा कि अगर जल्द चुनाव के लिए राज्य के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने विधानसभा भंग की तो पार्टी इसके खिलाफ अदालत जाएगी. चंद्रशेखर राव रविवार को हैदराबाद में एक विशाल रैली को संबोधित करेंगे. चर्चा है कि इस रैली के बाद वह राज्य विधानसभा भंग कर राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के साथ तेलंगाना के भी चुनाव इसी साल होने का रास्ता साफ कर देंगे. हालांकि, तेलंगाना विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल अप्रैल 2019 तक है.

हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक तेलंगाना कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एम शशिधर रेड्डी ने कहा, ‘हम चुनाव आयोग से तब तक चुनाव पर रोक लगाने के लिए कहेंगे जब तक जनवरी 2019 में नई मतदाता सूची का प्रकाशन नहीं हो जाता. पार्टी चुनाव अायोग से अनुरोध करेगी कि दिसंबर में चार राज्यों के साथ होने वाले चुनावों के साथ तेलंगाना के चुनाव न कराए जाएं. अगर एेसा नहीं हुआ तो हम अदालत का विकल्प चुनेंगे.’ वहीं करीमनगर से तेलंगाना राष्ट्र समिति विनोद कुमार ने कहा कि यह सब केवल कांग्रेस की हताशा दिखलाता है. वह जनता का सामना करने से बचना चाह रही है.

उधर, भाजपा ने राज्य में जल्दी चुनाव की संभावना से इन्कार किया है. पार्टी ने कहा कि एक तो एेसा नहीं होने जा रहा है, लेकिन अगर विधानसभा भंग की जाती है तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होना चाहिए. गौरतलब है कि तेलंगाना राष्ट्र समिति ने प्रधानमंत्री के उस प्रस्ताव का भी समर्थन किया है जिसमें विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ कराने की बात कही जा रही है.