कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कांग्रेस नेतृत्व का वह प्रस्ताव ठुकरा दिया है जिसके तहत उन्हें लोक सभा का चुनाव लड़ने के लिए कहा गया था. सूत्रों के हवाले से बेंगलुरू मिरर ने बताया है कि सिद्धारमैया ने इसी शनिवार को हुई एक अहम बैठक के दौरान अपने फैसले की जानकारी पार्टी के शीर्ष नेताओं को दे दी है.

अख़बार के मुताबिक कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि सिद्धारमैया 2019 में मैसुरु या कोप्पल से लोक सभा का चुनाव लड़ें. पार्टी को उम्मीद है कि इससे कर्नाटक में उसे अपनी सीटों की संख्या बढ़ाने में मदद मिल सकती है. फिलहाल राज्य की 28 लोक सभा सीटों में से सिर्फ नौ ही कांग्रेस के पास हैं. लेकिन कहा जा रहा है कि सिद्धारमैया राज्य की राजनीति छोड़ने के मूड में नहीं हैं. यह बात उन्होंने कर्नाटक के प्रभारी और अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के महासचिव केसी वेणुगोपाल को बता दी है. वेणुगोपाल ने शनिवार को राज्य के विधायकों और पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी के हारे हुए उम्मीदवारों की बैठक ली थी. इसी में सिद्धारमैया ने उन्हें अपने मन की बात बताई. यह बैठक 2019 के लोक सभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी.

ग़ौरतलब है कि कर्नाटक के मौज़ूदा मुख्यमंत्री और जेडीएस (जनता दल-धर्मनिरपेक्ष) के नेता एचडी कुमारस्वामी कई बार कांग्रेस नेतृत्व से सिद्धारमैया की शिकायत कर चुके हैं. बीती 30 अगस्त को ही उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ मुलाकात के दौरान फिर सिद्धारमैया की शिकायत की थी. दोनों नेताओं के संबंध अच्छे नहीं हैं और सिद्धारमैया जब-तब ऐसे बयान वग़ैरह भी दे देते हैं जिससे कुमारस्वामी सरकार के भविष्य पर अटकलें शुरू हो जाती हैं. इसी पृष्ठभूमि में सिद्धारमैया के समर्थक मान रहे हैं कि उनके नेता को राज्य से बाहर भेजने के लिए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें लोक सभा चुनाव लड़ाने की पेशकश की है.