अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने भूख हड़ताल के नवें दिन अपनी वसीयत लिख दी है. द हिंदू के मुताबिक उन्होंने अपनी संपत्ति में माता-पिता, बहन, एक गौशाला और पाटीदार आंदोलन में मारे गए 14 लोगों के परिवारों को हिस्सेदार बनाया है. हार्दिक पटेल बीते 25 अगस्त से अनिश्चतकालीन भूख हड़ताल पर हैं. वे पटेल समुदाय के लिए पिछड़ा वर्ग के अंतर्गत आरक्षण और कृषि कर्ज माफी की मांग कर रहे हैं.

हार्दिक पटेल की वसीयत के मुताबिक उनके पास एक कार, 50 हजार रुपये और जीवन बीमा है. हिंदुस्तान टाइम्स ने पाटीदार अनामत आंदोलन के संयोजक मनोज पनारा के हवाले से बताया कि वसीयत के मुताबिक हार्दिक ने अपनी इस संपति में से 20,000 रुपये अपने माता-पिता के नाम किये हैं, जबकि बाकी की राशि राजकोट की एक गौशाला के नाम कर दी है.

इसके इसके साथ ही हार्दिक पटेल ने अपनी आने वाली किताब (हू टूक माई जॉब) से करोड़ों रुपये रॉयल्टी मिलने की उम्मीद जताई है. उनकी वसीयत के मुताबिक इस रॉयल्टी का 15 फीसदी उनके माता-पिता, 15 फीसदी उनकी बहन और बाकी का 70 फीसदी पाटीदार आंदोलन में मारे गए लोगों के परिवारों को दिया जाए. हार्दिक ने नेत्रदान करने की घोषणा भीे की है.