केरल में सत्ताधारी मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के विधायक पीके शशि पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए पार्टी ने निर्देश जारी किए हैं. एएनआई के मुताबिक इसके साथ ही पार्टी की राज्य इकाई ने इस बात से इनकार किया है कि केंद्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद वह इस मामले की जांच कर रही है.

खबरों के मुताबिक डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) की एक महिला नेता ने सीपीएम विधायक पीके शशि पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, लेकिन इस शिकायत पर पार्टी की राज्य इकाई ने ध्यान नहीं दिया. इसके बाद संबंधित महिला ने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से संपर्क किया. पार्टी की इस युवा नेता का आरोप है कि शशि ने संगठन में ऊंचा पद दिलवाने के नाम पर करीब एक साल तक उसका यौन शोषण किया है. डीवाईएफआई सीपीएम की युवा शाखा है.

हिंदुस्तान टाइम्स की एक खबर के मुताबिक सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी ने भी इस बात को स्वीकार किया था कि उन्हें डीवाईएफआई की एक महिला नेता की शिकायत मिली थी, जिसके बाद उन्होंने राज्य इकाई को कार्रवाई के निर्देश दिए थे. हालांकि बाद में पार्टी के पोलित ब्यूरो की तरफ से बयान आया कि इस मामले में केंद्रीय नेतृत्व ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया है और जैसा कि सामान्य तौर पर होता है, मामले की जांच राज्य इकाई ही करेगी.

वहीं सीपीएम विधायक शशि ने अपने ऊपर लगे आरोपों को झूठ बताते हुए कहा है, ‘मुझे नहीं पता कि ये आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं. ऐसा लगता है कि मेरे राजनीतिक करियर को खत्म करने की साजिश हो रही है.’