आधार संख्या जारी करने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने बुधवार को कहा कि आधार संख्या न होने पर स्कूल छात्रों को एडमिशन देने से इंकार नहीं कर सकते और ऐसा करना अवैध करार दिया जाएगा. इसके साथ ही यूआईडीएआई ने स्कूलों को प्रोत्साहित किया कि वह स्थानीय बैंकों, डाक कार्यालयों, राज्य शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के साथ मिलकर अपने परिसर में बच्चों का आधार कार्ड बनवाने और उसे अपडेट कराने के लिए विशेष शिविर लगाएं. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक यूआईडीएआई ने इस मामले में सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को एक सर्कुलर जारी किया है.

यूआईडीएआई की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया है, ‘यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि आधार कार्ड की वजह से किसी भी बच्चे को उसके अधिकार से वंचित न किया जाए.’ यूआईडीएआई ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर स्कूल आधार कार्ड के अभाव में बच्चों को एडमिशन देने से इंकार करते हैं तो यह कानूनी तौर पर अवैध होगा और कार्रवाई की जाएगी. यूआईडीएआई ने अपने सर्कुलर में यह भी कहा है कि जब तक छात्रों को आधार संख्या जारी नहीं हो जाती और उनका बायोमेट्रिक अपडेट नहीं कर दिया जाता तब तक उन्हें दूसरे पहचान पत्रों के जरिए सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए.