बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच द्वारा ‘दलित’ शब्द का इस्तेमाल न करने के निर्देश पर केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रामदास अठावले ने सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का फैसला किया है. रामदास अठावले के मुताबिक ‘दलित’ शब्द अपमानजनक नहीं है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक उन्होंने यह भी कहा, ‘अनुसूचित जाति के लिए महात्मा गांधी द्वारा दिए गए हरिजन शब्द को दशकों पहले बंद करके सरकार ने दलित शब्द की शुरुआत की थी. इस शब्द के इस्तेमाल पर हमें कोई आपत्ति नहीं है, बोलचाल की भाषा में इसे जारी रखा जाना चाहिए.’

इससे पहले पंकज मेश्राम की एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय को मीडिया द्वारा दलित शब्द का इस्तेमाल बंद कराने के निर्देश दिए थे. इसके बाद मंत्रालय की तरफ से मीडिया के लिए इस बारे में एडवाइजरी जारी की गई थी.

इस दौरान मध्य प्रदेश के सवर्ण संगठनों द्वारा गुरुवार को बुलाए गए भारत बंद के मुद्दे पर राय रखते हुए रामदास अठावले ने कहा कि एससी-एसटी एक्ट- 1989 को दलितों पर हो रहे अत्याचार की रोकथाम के लिए बनाया गया था. उन्होंने कहा, ‘मैं खुद मानता हूं इस एक्ट का गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. इस एक्ट को लेकर आंदोलन करने के बजाय आपसी बातचीत के जरिये समाधान निकाला जाना चाहिए.’