देश की सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों में से एक इन्फोसिस के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति ने आर्थिक रूप से ताकतवर और प्रभावशाली लोगों से समाज में असमानता मिटाने के लिए आगे आने का आह्वान किया है. इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, ‘ जब किसी देश के धनवान और ताकतवर लोग समाज में समानता और शांति के लिए आगे नहीं आते तो वहां हिंसा होती ही है’. नारायण मूर्ति का कहना था कि समाज में हिंसा तब होती है जब वह उम्मीद खोने लगता है और यह उम्मीद बनाए रखने की जिम्मेदारी उनकी है जिनके पास ताकत है.

नारायण मूर्ति का बयान ऐसे समय में आया है जब यह भी खबरें आ रही हैं कि दुनिया की दौलत का एक बड़ा हिस्सा चंद लोगों की झोली में सिमटता जा रहा है. आईएमएफ के अनुसार भारत का गिनी गुणांक (आय के असमान वितरण को मापने वाला पैमाना) लगातार बढ़ता जा रहा है. 1990 में जहां यह 45 था तो वहीं 2013 में बढ़कर 51 हो गया. इसका मतलब है कि भारत में आर्थिक असमानता बढ़ती जा रही है. इन्फोसिस के संस्थापक ने कहा कि जब तक भारत के धनकुबेर केवल खुद को और अपने मित्रों को फायदा पहुंचाने की मानसिकता से आगे नहीं निकलेंगे तब तक यह सूरत नहीं बदलेगी.