गुरुवार को रुपया डॉलर के मुकाबले और नीचे गिरकर पहली बार 72 के स्तर को पार कर गया. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार (फॉरेक्स) में रुपया गिरकर 72.12 पर पहुंच गया. जानकारों के अनुसार अभी यह और नीचे गिरकर 73 से 75 के बीच पहुंच सकता है.

रुपये के कमजोर होने को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह माना जाता है. भारत अभी निर्यात से ज्यादा आयात कर रहा है. ऐसे में रुपया लगातार नीचे जाता रहेगा तो आयात महंगा होगा. देश की जेब पर कच्चे तेल का बोझ बढ़ेगा. जाहिर है कि इसके चलते फिर महंगाई और देश का व्यापार घाटा भी बढ़ेगा.

उधर, रुपये में आ रही इस गिरावट पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि इसे लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है. उनके मुताबिक ऐसा अतंरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण हो रहा है. बुधवार को कैबिनेट की बैठक के बाद वित्त मंत्री ने कहा, ‘अगर आप घरेलू और वैश्विक आर्थिक स्थिति देखें तो इसके लिए (रुपये में गिरावट) कोई घरेलू वजह दिखाई नहीं देती. ऐसा वैश्विक कारणों के चलते हो रहा है. हमें यह बात ध्यान रखनी चाहिए कि बीते महीनों में डॉलर हर मुद्रा के मुकाबले मजबूत हुआ है. इसलिए ज्यादातर मुद्राएं डॉलर की तुलना में कमजोर हुई हैं.’