सिंगापुर की एक अदालत ने पुलिस को प्रैंक कॉल (शरारत के मकसद से कॉल करना) करके तंग करने के मामले में एक भारतीय मूल के नागरिक को तीन साल कैद की सजा सुनाई है. पुलिस के मुताबिक गुरचरण सिंह नाम के इस व्यक्ति की उम्र 61 साल है. खबरों के मुताबिक गुरचरण सिंह सिंगापुर में सफाईकर्मी है. सिंह ने जून के महीने में दो मर्तबा पुलिस को फर्जी कॉल्स करके परेशान किया था. पहली बार उसने एक साथ दो बार कॉल कीं, लेकिन अगली बार 15 प्रैंक कॉल कर डालीं. इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया.

इस मामले में अभियोजन पक्ष की वकील का कहना था कि आरोपित आदतन ऐसी हरकत करता है और वह ऐसा कई सालों से कर रहा है. उनके मुताबिक दस जून को गुरचरण सिंह ने एक पब्लिक बूथ से फोन करके पुलिस को यह सूचना दी थी कि उसने सिंगापुर के अप्रवासन विभाग में बम रख दिया है. इस कॉल के तुरंत बाद पुलिस ने नम्बर ट्रेस करके उसे हिरासत में ले लिया.

एक पुलिस अधिकारी के अनुसार गुरचरन सिंह साल 2000 से पुलिस को प्रैंक कॉल करके तंग कर रहा है. 2016 में इस हरकत के लिए उसे पहली बार दो साल कैद की सजा सुनाई गई थी. इसके बाद वह जमानत पर बाहर था. लेकिन इसी दौरान उसने फिर से लोगों और पुलिस को प्रैंक कॉल करके परेशान करना शुरू कर दिया.

इसके साथ ही सरकारी वकील ने अदालत को यह जानकारी भी दी कि गुरचरण को शराब की लत है और वह अक्सर नशे ही हालत में ही प्रैंक कॉल करता है.