देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अपनी नई मल्टी यूटिलिटी व्हीकल (एमपीवी) ‘मराज़ो’ को बीते सोमवार लॉन्च कर दिया. भारतीय कार बाज़ार में मराज़ो का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था. कंपनी की मानें तो मराज़ो शिकारी मछली ‘शार्क’ का एक नाम है. न सिर्फ इस कार का नाम बल्कि इसका डिज़ायन भी शार्क से ही प्रेरित दिखता है.

मराज़ो महिंद्रा की सबसे ज्यादा पैसेंजर क्षमता वाली एमपीवी है जिसके दो अलग-अलग मॉडल में सात और आठ सवारियों के बैठने के लिए जगह उपलब्ध करवाई गई है. अपनी इस कवायद के महिंद्रा ने उस सेगमेंट में सेंध लगाने की कोशिश की है जिसके एक छोर को टोयोटा इनोवा ने और दूसरे को मारुति-सुज़ुकी अर्टिगा जैसी कारों ने बड़ी मजबूती से थाम रखा है.

केयूवी-100 के डिज़ायन की आलोचना के बाद महिंद्रा एंड मंहिद्रा अपनी नई गाड़ियों को बनाते समय इस बात का खासा ख़्याल रखती है कि लुक्स के मामले में वह ग्राहकों को जमकर लुभा सके. मराज़ो भी इससे अलग नहीं. इसके लिए कंपनी ने बिल्कुल नई डिज़ायनिंग टीम की मदद ली है. बता दें कि मराज़ो, महिंद्रा की पहली ऐसी कार है जिसे भारत से बाहर अमेरिका में महिंद्रा नॉर्थ अमेरिकन टेक्निकल सेंटर (एमएनएटीसी) में डिज़ायन किया गया है.

फीचर्स के लिहाज से देखें तो महिंद्रा ने मराज़ो में सात इंच का कलर स्क्रीन सिस्टम दिया है, इसके अलावा इस कार में आईपैड कनेक्टिविटी, पिक्चर व्यूअर, यूएसबी सपोर्ट ऑडियो-वीडियो और ब्लूटुथ ऑडियो फीचर के अलावा नेविगेशन सिस्टम भी है. इस कार के म्यूज़िक सिस्टम की ख़ासियत है कि इसे वॉयस कमांड से कंट्रोल किया जा सकता है.

सुरक्षा के लिहाज़ से भी महिंद्रा एंड महिंद्रा ने मराज़ो को तमाम खूबियों से नवाज़ा है. इस कार में आपको दो एयरबैग, ऑल व्हील डिस्क ब्रेक, हाई स्ट्रेंथ स्टील स्ट्रक्चर, आईएसओ फिक्स चाइल्ड सीट माउंट, इंपैक्ट सेंसिटिव डोर लॉक और एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम जैसे फीचर मिलते हैं. मराज़ो के हाई एंड वेरिएंट- एम6 और एम8 में रियर पार्किंग सेंसर के साथ कैमरा, इमरजेंसी कॉल और कॉर्नरिंग लैंप उपलब्ध करवाए गए हैं.

मराज़ो के निर्माण में कंपनी ने नए चेसी और प्लेटफॉर्म के साथ बिल्कुल नए इंजन का इस्तेमाल किया है. महिंद्रा के मुताबिक मराज़ो में चार सिलेंडर वाला 1.5 लीटर डीज़ल इंजन लगाया गया है जो कम आवाज के साथ 17.3 किलोमीटर/लीटर की आकर्षक माइलेज देने में सक्षम है. महिंद्रा ने मराज़ो के बेस मॉडल यानि एम2 के लिए 9.99 लाख रुपए की कीमत तय की है जो कि कार के अलग-अलग वेरिएंट के लिए 13.90 लाख रुपए तक जाती है.

टाटा नेक्सन का नया एडिशन ‘क्राज़’

टाटा मोटर्स ने अपनी लोकप्रिय सबकॉम्पैक एसयूवी नेक्सन की पहली वर्षगांठ पर इसका लिमिटेड एडिशन ‘क्राज़’ पेश किया है. क्राज़ के हाई एंड वेरिएंट को कंपनी ने क्राज़ प्लस नाम दिया है. गौरतलब है कि नेक्सन टाटा मोटर्स की उन कारों में शुमार है जो भारतीय कार बाज़ार में कंपनी के लिए संजीवनी साबित हुई. पिछले साल लॉन्चिंग के बाद से ही नैक्सन प्रति महीने चार हज़ार यूनिट की औसतन बिक्री के साथ टाटा की दूसरी सबसे ज़्यादा बिकने वाली कार बनी हुई है.

टाटा मोटर्स ने नैक्सन क्राज़ में लुक्स के साथ फीचर्स के मामले में भी अहम अपडेट किए हैं. इस एडिशन के स्टैंडर्ड वर्ज़न में ब्लैक पेंट स्कीम के साथ दी गई कॉन्ट्रास्ट फिनिश वाली सॉनिक सिल्वर डुअल टोन रूफ इसे पहले से खासा आकर्षक बनाती है. कार में निऑन ग्रीन पेंट स्कीम वाले ओवीआरएम, फ्रंट ग्रिल और व्हील कवर्स इसे देखने वाले का ध्यान खींचने में बखूबी सफल होते हैं. कार के केबिन में भी निऑन ग्रीन फिनिश देखने को मिलती है. 4-स्पीकर वाला इंफोटेनमेंट सिस्टम और ऑटो क्लाइमेट कंट्रोल के साथ दिए गए रियर एसी वेंट्स कार को खास बनाते हैं.

टाटा मोटर्स ने नेक्सन क्राज़ में कार के मौजूदा मॉडल की तरह 1.2-लीटर का रेवेट्रॉन पेट्रोल और 1.5-लीटर का रेवेटॉर्क डीज़ल इंजन लगाया है. इन इंजनों को कंपनी ने 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ जोड़ा है. इस कार में तीन ड्राइविंग मोड्स- ईको, सिटी और स्पोर्ट दिए गए हैं. टाटा मोटर्स ने नैक्सन क्राज़ के पेट्रोल वेरिएंट के लिए 7.14 लाख (दिल्ली एक्सशोरूम) कीमत तय की है जो इसके डीज़ल वेरिएंट के लिए 8.07 लाख रुपए (दिल्ली एक्सशोरूम कीमत) से शुरू होती है.

मारुति-सुज़ुकी की इलेक्ट्रिक कारें टेस्टिंग के लिए तैयार

2030 तक पूरी तरह इलेक्ट्रिक कारों पर निर्भर होने की केंद्र सरकार की योजना को प्रमुख वाहन कंपनियां खासी गंभीरता से ले रही हैं. देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी ‘मारुति-सुज़ुकी’ ने भी बीते कुछ महीनों में इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं. कंपनी की मानें तो उसने पचास इलेक्ट्रिक कारों को तैयार कर लिया है जिनकी अगले महीने से टेस्टिंग शुरु कर दी जाएगी. मारुति की सहयोगी कंपनी सुज़ुकी का यह भी कहना है कि वह 2020 में अपना पहला इलेक्ट्रिक वाहन भारत में ही लॉन्च करेगी.

गौरतलब है कि भारत में मारुति-सुज़ुकी इलेक्ट्रिक वाहनों को जापानी ऑटोमोबाइल कंपनी ‘टोयोटा’ के साथ मिलकर तैयार करेगी. इसे लेकर दोनों कंपनियों के बीच करार हो चुका है. इस सप्ताह नई दिल्ली में नीति आयोग द्वारा आयोजित ‘मूव’ समिट में शामिल हुए सुज़ुकी मोटर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन ओसामु सुज़ुकी ने इस बारे में विस्तार से जानकारी दी है.

कयास लगाए जा रहे हैं कि मारुति ने अपनी पहली इलैक्ट्रिक कार के तौर पर अपनी लोकप्रिय हैचबैक वैगन-आर के ही ई-वर्जन को बाजार में उतार सकती है. जानकारों का यह भी कहना है कि अगले महीने जिन वाहनों को टेस्ट किया जाएगा उनकी डिज़ायन भी पूरी तरह वैगन-आर से ही प्रेरित है. सुज़ुकी ने घोषणा की है कि आने वाले समय में वह अपनी दूसरी लोकप्रिय हैचबैक स्विफ्ट के इलैक्ट्रिक वर्जन को भारत में जल्द ही पेश करेगी. इसके अलावा मारुति-सुज़ुकी भारत में ही बैटरी प्लांट लगाने की भी मुनादी कर चुकी है जिसमें इलैक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल की जाने वाली लीथियम इऑन बैटरी का निर्माण 2020 तक शुरू कर दिया जाएगा.

मारुति-सुज़ुकी के अलावा इलैक्ट्रिक वाहन बनाने की दिशा में महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स जैसी देश की अन्य प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियां पहले से ही जुट चुकी हैं. इन दोनों कंपनियों ने अधिकारियों के लिए राज्य सरकारों द्वारा चलाई जाने वाली एनर्जी एफिशिएंसी सर्विस लिमिटेड (ईईएसएल) के तहत इलेक्ट्रिक कारें भी उपलब्ध करवाई थीं. हालांकि इन कारों के ख़राब प्रदर्शन और कम बैटरी रेंज की वजह से अधिकारियों ने इनका इस्तेमाल करने से इन्कार कर दिया था.