‘कानून तोड़ने वालों के लिए ब्रिटेन में कोई जगह नहीं है.’  

— ग्राहम स्टुअर्ट, ब्रिटेन के निवेश मंत्री

ग्राहम स्टुअर्ट का यह बयान भारत के शराब कारोबारी विजय माल्या को लेकर आया है. जब उनसे पूछा गया कि विजय माल्या के प्रत्यर्पण में क्या ब्रिटेन भारत की मदद करेगा? तो इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘हम व्यक्तिगत मामलों पर अपनी राय जाहिर नहीं करते. देश का कानून अपना काम करेगा.’ इससे पहले शुक्रवार को विजय माल्या से जब पूछा गया था कि वे भारत कब लौट रहे हैं? तो इसके जबाव में उन्होंने कहा था, ‘यह ब्रिटेन की अदालत पर निर्भर करता है.’


‘सभी लोगों के अधिकार म​हत्वपूर्ण हैं लेकिन इनमें संतुलन साधना कठिन है.’  

— दीपक मिश्रा, सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश

दीपक मिश्रा ने यह बात शनिवार को पुणे में ‘एवरी राइट मैटर्स एंड नो राइट इज एब्सोल्यूट’ विषय पर अपना संबोधन देते हुए कही. दीपक मिश्रा ने इस दौरान यह भी कहा कि कोई अधिकार कभी भी अपने आप में पूर्ण नहीं रहा है. इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, ‘देश में हर किसी को बोलने की आजादी है पर इस अधिकार के जरिये कोई व्यक्ति किसी दूसरे की मानहानि नहीं कर सकता.’ उन्होंने आगे कहा कि मनुष्य को मिलने वाले मौलिक अधिकारों में भी विरोधाभास हो सकता है. सुप्रीम कोर्ट के ‘इच्छा मृत्यु’ संबंधी निर्णय के जरिये यह बात समझाते हुए उन्होंने कहा, ‘भारतीय संविधान हर व्यक्ति को जीने का अधिकार देता है. लेकिन कोई व्यक्ति लाइलाज बीमारी से पीड़ित हो, उसके बचने की संभावना ही न हो तो सुप्रीम कोर्ट ने उसे इच्छा मृत्यु का अधिकार दिया.’ इसके साथ ही उनका कहना था, ‘यहां एक तरफ जीवन है दूसरी तरफ मृत्यु यह दो अधिकारों का विरोधाभास है. जिस तरह एक व्यक्ति को जीने का अधिकार है तो उसी तरह उसे सम्मान के साथ मरने का अधिकार भी है.’


‘भाजपा मेकिंग इंडिया तो कांग्रेस ब्रेकिंग इंडिया के लिए काम कर रही है.’  

— अमित शाह, भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष

अमित शाह ने यह बात भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कही. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि 2019 के आम चुनाव में भाजपा एक बार फिर जीत हासिल करेगी और केंद्र में अपनी सरकार बनाएगी. अमित शाह के मुताबिक, ‘यह इसलिए संभव होगा क्योंकि भाजपा के पास ऐसा करने की इच्छाशक्ति है और इच्छाशक्ति की कभी हार नहीं होती.’ इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों के महागठबंधन को झूठ की बुनियाद पर तैयार किया जा रहा गठबंधन बताया.


‘लोक सभा के साथ हम विधानसभा चुनाव का भी बहिष्कार करेंगे!’  

— फारुक अब्दुल्ला, नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख

फारुक अब्दुल्ला का यह बयान केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए आया. उनका कहना है कि केंद्र सरकार को अनुच्छेद 35ए और धारा 370 पर अपना मत स्पष्ट करना चाहिए. ऐसा न होने पर नेशनल कॉन्फ्रेंस आगामी लोक सभा और विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेगी. फारुक अब्दुल्ला ने इस मुद्दे को लेकर बीते दिनों पंचायत चुनाव के बहिष्कार की धमकी भी दी थी.


‘भारतीय जनता पार्टी का देश को भगवा रंग में रंगने वाला सपना हम पूरा नहीं होने देंगे.’  

— एमके स्टालिन, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के अध्यक्ष

एमके स्टालिन ने यह बात शनिवार को अपनी पार्टी के जिला सचिवों, विधायकों और सांसदों के साथ हुई एक बैठक के दौरान कही. इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर तमिलनाडु की अनदेखी का आरोप भी लगाया. साथ ही रफाल विमान सौदा, नीट परीक्षा, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियों को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. इसके साथ ही एमके स्टालिन ने पार्टी के नेताओं से तमिलनाडु में अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) की सरकार को उखाड़ फेंकने का भी आह्वान किया.