नई दिल्ली में आयोजित भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की खबर आज के अधिकतर अखबारों के पहले पन्ने पर है. इसकी बैठक के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2019 का चुनाव उनकी सरकार के काम और विपक्ष के झूठ के बीच होगा. प्रधानमंत्री का कहना था, ‘विपक्ष काम और मुद्दों पर नहीं लड़ता, वह झूठ से हमारा मुकाबला करता है. हम चार वर्षों में किए गए अपने काम से उसके झूठ का मुकाबला करेंगे. 2019 के चुनाव में एक परिवार के 48 साल और हमारी सरकार के 48 महीनों के काम की तुलना होगी.’

वहीं, इससे पहले पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि 2019 का चुनाव उनकी पार्टी ही जीतेगी और अगले 50 वर्षों तक भाजपा को कोई हरा नहीं पाएगा. उन्होंने पार्टी के नौ करोड़ कार्यकर्ताओं से कहा कि वे 22 करोड़ परिवारों के घर जाएं और सरकार के साढ़े चार साल के कार्यो को प्रमुखता से रखें. भाजपा अध्यक्ष का मानना है कि इस तरह संपर्क अभियान से 2019 चुनाव से पहले पार्टी देश के सभी परिवारों तक अपनी पहुंच बना लेगी.

आम आदमी पार्टी चुनावी चंदे से संबंधित जानकारी सार्वजनिक नहीं करेगी

आम आदमी पार्टी (आप) ने चुनावी चंदे की जानकारी सार्वजनिक न करने का फैसला किया है. इससे पहले पार्टी चंदा देने वाले दानदाताओं के नाम अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करती रही है. नवभारत टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक आप ने इसके पीछे भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है. पार्टी नेता गोपाल राय ने बताया, ‘केंद्र में बीजेपी की सरकार आने के बाद उन तमाम लोगों को नई तरह से प्रताड़ित किया गया, जिन्होंने पार्टी की मदद की थी. ऐसे लोगों के पीछे सीबीआई, ईडी, इनकम टैक्स, रेवेन्यू इंटेलिजेन्स जैसी तमाम एजेंसियां लगाकर उन्हें टॉर्चर किया गया.’ उन्होंने आगे बताया कि उनकी पार्टी चुनाव आयोग को जरूरी जानकारी मुहैया कराएगी.

नदी-तालाबों पर अतिक्रमण करने वाले को बाढ़ का मुआवजा नहीं : मद्रास हाई कोर्ट

मद्रास हाई कोर्ट ने बाढ़ मुआवजे को लेकर एक बड़ा आदेश दिया है. राजस्थान पत्रिका में छपी खबर के मुताबिक अदालत ने कहा है कि ऐसे लोग जिन्होंने नदी-तालाबों से जैसे जल संसाधनों पर कब्जा कर लिया है, उन्हें बाढ़ राहत कोष का मुआवजा नहीं दिया जा सकता. हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि राहत का पैसा आम आदमी का है जिसका दुरुपयोग नहीं किया जा सकता है. मद्रास हाई कोर्ट ने यह आदेश चेन्नई में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात पैदा होने के मामले में दिया है. यह आदेश तमिलनाडु के साथ राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के लिए भी अहम माना जा रहा है, जहां नदी, तालाब और प्राकृतिक तालाब अतिक्रमण का शिकार हो गए हैं.

दिल्ली : सीवर सफाई के दौरान पांच मजदूरों की मौत

दिल्ली-एनसीआर में सीवर की सफाई के दौरान मजदूरों की मौत का सिलसिला थमता हुआ नहीं दिखता है. हिन्दुस्तान के पहले पन्ने पर प्रकाशित खबर के मुताबिक दिल्ली के मोतीनगर इलाके में स्थित डीएलएफ कैपिटल ग्रीन सोसायटी में सीवर प्लांट की सफाई करने उतरे छह में चार मजदूरों की मौत हो गई. वहीं, द इंडियन एक्सप्रेस की मानें तो मरने वाले मजदूरों की संख्या पांच है. उधर, पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. बताया जाता है कि बीते नौ महीने के दौरान दिल्ली में 12 सीवर सफाईकर्मियों ने जहरीली गैस की वजह से दम तोड़ा है.

ओडिशा : बीजेडी नेता ने अपनी ही सरकार पर 800 करोड़ रु घोटाले का आरोप लगाया

ओडिशा में सत्ताधारी पार्टी बीजेडी के नेता दामोदर राउत ने अपनी सरकार पर 800 करोड़ रुपये के कृषि कर्ज घोटाले का आरोप लगाया है. द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट दामोदर राउत ने कहा है कि सहकारी विभाग के तहत कृषि कर्ज के लिए आवंटित रकम में से 60 फीसदी गैर-कृषि कामों पर खर्च की गई है और बाकी 40 फीसदी कागजों पर ही है. वहीं, नवीन पटनायक सरकार ने सहकारी मंत्री एसएन पात्रा ने कहा है कि यदि दामोदर राउत पर्याप्त जानकारी मुहैया कराते हैं तो इस मामले की जांच के आदेश दिए जाएंगे. उधर, भाजपा ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है. बताया जाता है कि बीते दिसंबर में ब्राह्मणों के खिलाफ एक बयान की वजह दामोदर राउत को कृषि विभाग से हटा दिया गया था.