पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर आज कांग्रेस समेत 22 राजनीतिक दलों ने भारत बंद का आह्वान किया है. मिल रही जानकारी के मुताबिक इस बंद का खासा असर देखने को मिल रहा है. बंद के तहत दिल्ली में हो रहे सरकार विरोधी प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल हुए. वहीं, देश के दूसरे भागों में भी बंद का आम जीवन पर प्रभाव पड़ता दिख रहा है. कई जगहों से सड़क-हाइवे जाम किए जाने, रेल रोके जाने और बस सेवा बंद किए जाने की खबरें आ रही हैं. जहां कर्नाटक और ओडिशा की सरकारों ने आज छुट्टी की घोषणा की है वहीं पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि राज्य में बिना हड़ताल के विरोध रैलियां निकाली जाएंगी.

राजस्थान में जिला पुलिस अधिकारियों और जयपुर व जोधपुर के पुलिस आयुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बंद के दौरान अपने यहां कड़ी निगरानी रखें. राज्य के विशेष पुलिस महानिदेशक एनआरके रेड्डी ने कहा कि राजस्थान सशस्त्र बल की चार टुकड़ियों को एहतियातन जयपुर, बारां, भरतपुर और अजमेर में तैनात किया गया है.

अरुणाचल प्रदेश में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया है. असम में बंद का खासा असर देखने को मिल रहा है. यहां सड़क व हाइवे बंद करने के प्रयास के चलते कई लोगों को हिरासत में लिया गया है. हालांकि असम पुलिस के महानिदेशक कुलाधर सैकिया ने बताया कि इस दौरान किसी भी तरह की हिंसा की घटना नहीं हुई है.

इसके अलावा बिहार में भी बंद के तहत विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. यहां राजधानी पटना में पप्पू यादव के नेतृत्व वाली जन अधिकारी पार्टी ने राजेंद्र नगर टर्मिनल रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का रास्ता ब्लॉक कर दिया. वहीं, केरल में बंद समर्थकों ने सड़क जाम कर वाहनों का रास्ता रोक दिया. खबरों के मुताबिक उन्होंने कई दुकानों और कार्यालयों को जबरन बंद करवा दिया. इस दौरान पूरे राज्य में शिक्षा संस्थान बंद रहेंगे. हालांकि समर्थकों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों से दूर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है.

उधर, गुजरात के भरूच में प्रदर्शनकारियों ने कई गाड़ियों का रास्ता रोक कर टायरों में आग लगा दी. न्यूज एजेंसी एएनआई द्वारा शेयर की गईं तस्वीरों में बड़ी संख्या में हाइवे पर ट्रकों को खड़ा देखा जा सकता है. वहीं, महाराष्ट्र की बात करें तो यहां पुणे के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती की गई है. विरोध को सीपीआई और सीपीआई-एम का भी समर्थन प्राप्त है. आंध्र प्रदेश के शहर विजयवाड़ा और विशाखापटनम में इन दलों के समर्थकों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों के खिलाफ विरोध रैली निकाली. वहीं, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में भी कांग्रेस व दूसरे दलों के कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.