पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) अपनी छवि बदलने के गंभीर प्रयास करते हुए दिख रहा है. द फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक पीएनबी ने बीते पांच महीने में जान-बूझकर कर्ज़ अदा न करने वालों (लोन डिफॉल्टरों) से 11,378 करोड़ रुपए वसूल लिए हैं. जबकि इससे पहले 2017-18 में 5,618 और 2016-17 में 5,643 करोड़ रुपए ही वसूल कर पाया था.

अख़बार के मुताबिक बैंक ने फंसे हुए कर्ज़ वसूली के लिए ख़ास तौर पर एक तंत्र विकसित किया है. इसमें 3,000 कर्मचारियों को लगाया गया है. इससे बैंक के संचालन मुनाफे में भी वृद्धि हुई है. यह पिछले साल की तुलना में इस बार अप्रैल से जून के बीच 30.4 फीसदी रहा है. ग़ौरतलब है कि हीरे-जवाहरात के कारोबारी नीरव मोदी और उसके रिश्तेदार मेहुल चौकसी को पंजाब बैंक ने ही 14,357 करोड़रुपए का कर्ज़ा दिया था. लेकिन ये दोनों इस कर्ज़ को चुकाए बिना देश छोड़कर भाग गए.

इस मामले का ख़ुलासा होने के बाद अब पीएनबी फंसे कर्ज़ को वसूलने की तरफ संज़ीदगी से प्रयास कर रहा है. इन प्रयासों के तहत सबसे ज़्यादा 3,081 करोड़ रुपए भूषण स्टील से वसूले गए हैं. यह कंपनी कर्ज़ के बढ़ते बोझ की वज़ह से टाटा समूह के हाथों बिक चुकी है. इसके बाद इलेक्ट्रोस्टील से 335 और मॉनेट इस्पात से 110 करोड़ रुपए वसूले गए हैं. ऐसे ही कुछ अन्य लोन डिफाल्टरों से भी बड़ी वसूली की गई है. ख़बर के मुताबिक यह प्रक्रिया आगे भी चलती रहने वाली है.