बहुचर्चित सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में बॉम्बे हाइकोर्ट ने डीजी वंजारा सहित छह लोगों की रिहाई को चुनौती देने वाली पांच याचिकाओं को खारिज कर दिया. ये याचिकाएं सोहराबुद्दीन के भाई रुबाबुद्दीन और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दायर की थीं. इसके साथ ही इन सभी लोगों की रिहाई लगभग तय हो गई है. इससे पहले इस मामले में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित 15 लोगों को बरी किया जा चुका है.

इस मामले के बॉम्बे हाईकोर्ट आने से पहले एक निचली अदालत ने भी मामले में आरोपित गुजरात के आईपीएस अधिकारी राजकुमार पांडियन, गुजरात एटीएस के पूर्व प्रमुख डीजी वंजारा, गुजरात पुलिस के अधिकारी एनके अमीन, राजस्थान कैडर के आईपीएस अधिकारी दिनेश एमएन और राजस्थान पुलिस के कॉन्स्टेबल दलपत सिंह राठौड़ को आरोपमुक्त कर दिया था.

साल 2005 में पुलिस ने एक मुठभेड़ में सोहराबुद्दीन और उसकी पत्नी कौसर बी की मौत हो गई थी. पुलिस का दावा था कि सोहराबुद्दीन के आतंकियों से संबंध थे. इस केस की जांच के बाद सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में मुठभेड़ को फर्जी करार दिया था.