बीते छह सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए समलैंगिकता को अपराध के दायरे से बाहर कर दिया. अदालत के इस फैसले का सोशल मीडिया से लेकर कई बड़े शहरों की सड़कों तक पर समर्थन देखने को मिला है. वहीं अपने एक न्यूनतम मानवाधिकार से वंचित तबके के लोगों को उनका यह अधिकार मिलने की खुशी में भारत की कुछ बड़ी-बड़ी कंपनियां भी शामिल रहीं और बड़े ही रचनात्मक तरीके से उन्होंने इसे जताया है.

मोबाइल एप पर टैक्सी बुकिंग करने की सुविधा देने वाली कंपनी ऊबर और ओला ने एप के जरिए ही अदालत के इस फैसले को समर्थन दिया है. ओला ने अपने एप पर प्रतीकात्मक रूप से दिखाई जाने वाली कारों को ही इंद्रधनुषी रंगों में रंग दिया तो वहीं उबर ने एप पर रास्ता बताने के लिए बने रूट को सतरंगी बना दिया है. एलजीबीटीक्यू (लेस्बियन, गे, बाइसेक्सुअल, ट्रांसजेंडर, क्वीअर) समुदाय इंद्रधनुषी रंगों को अपना प्रतीक मानता है और यही वजह है कि ज्यादातर कंपनियों ने इन रंगों के अलहदा प्रयोग से ही सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर समर्थन जताया है.

इसके अलावा देश के कुछ मीडिया संस्थानों और टीवी चैनलों जैसे स्क्रोल, द वायर और नेटवर्क 18 ने भी अपने लोगो में बदलाव करते हुए एलजीबीटीक्यू समुदाय के अधिकारों को लेकर प्रतिबद्धता जताई है.

वहीं अगर सोशल मीडिया कंपनियों की बात करें तो दुनिया में सबसे ज्यादा उपयोग किये जाने वाले फेसबुक के आधिकारिक पेज ‘फेसबुक इंडिया’ ने भी अपने प्रोफाइल फोटो में बदलाव किया है. वहीं गूगल ने अपने होम पेज पर इंद्रधनुषी लोगो लगाया तो स्टार ग्रुप के चैनल स्टार गोल्ड ने अपने लोगो के स्टार को सतरंगी बनाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अपना समर्थन जाहिर किया. इसके अलावा खाना डिलीवर करने वाली कंपनी स्विगी ने भी अपना लोगो सतरंगी बनाकर इस फैसले का समर्थन किया है.

इसके अलावा कंडोम निर्माता कंपनी ड्यूरेक्स और डियोड्रेंट बनानेवाली कंपनी एक्स ने भी अपनी कंपनी के लोगो में बदलाव किए हैं.