नेशनल हेराल्ड से जुड़े एक मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, पार्टी के वरिष्ठ नेता ऑस्कर फर्नांडिस और मोतीलाल वोरा को दिल्ली हाई कोर्ट से कोई राहत नहीं मिल पाई है. दिल्ली हाई कोर्ट ने कांग्रेस नेताओं की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने नेशनल हेराल्ड और यंग इंडिया से जुड़े ‘टैक्स एसेसमेंट’ की दोबारा जांच के आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी. हाई कोर्ट ने कांग्रेस नेताओं की याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी है कि आयकर विभाग कर संबंधी पुराने मामलों की दोबारा जांच कर सकता है. आयकर विभाग ने कांग्रेस के इन नेताओं को वित्तवर्ष 2011-12 के अायकर संबंधी विवरण में यंग इंडिया से हुई कथित आय का जिक्र न करने पर नोटिस भेजा था. इस नोटिस के खिलाफ कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था.

यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना 2010 में 50 लाख रुपये की पूंजी से की गई थी. इस कंपनी ने बाद में एसोसिएट जर्नल लिमिटेड (एजेएल) का अधिग्रहण किया था. नेशनल हेराल्ड अखबार का स्वामित्व एजेएल के पास ही था. बाद में भारतीय जनता पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर इस मामले में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया था. सुब्रमण्यम स्वामी साल 2012 में इस मामले को कोर्ट में लेकर गए थे और तब से यह मामला कोर्ट में चल रहा है.