आधार के डेटा की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है. हफपोस्ट इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक आधार संख्या जारी करने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के आधार डेटाबेस में आसानी से सेंध लगाई जा रही है. यह सेंध आधार के एनरोलमेंट सॉफ्टवेयर में एक पैच के माध्यम से लगाई जा रही है. पैच, किसी सॉफ्टवेयर की प्रोग्रामिंग में बदलाव लाने के लिए विभिन्न प्रकार के कोड्स का समूह होता है. ऐसे ही पैच से आधार के एनरोलमेंट सॉफ्टवेयर में आंशिक बदलाव कर इसके सुरक्षा फीचर बंद कर दिए जाते हैं और आसानी से इसे हैक कर लिया जाता है. इसके बाद कोई भी व्यक्ति आधार सॉफ्टवेयर के डेटा में छेड़छाड़ कर सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक यह पैच आसानी से 2500 रुपये में मिल रहा है.

हफपोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि उसने कुछ विशेषज्ञों की मदद से इस पैच की जांच करवाई है. इन विशेषज्ञों ने पता लगाया है कि पैच के जरिए आधार एनरोलमेंट सॉफ्टवेयर के सुरक्षा फीचर्स में बदलाव किए जा सकते हैं, जिससे गैरकानूनी तरीके से नया आधार नंबर जारी किया सकता है. यह पैच आधार एनरोलमेंट सॉफ्टवेयर के जीपीएस सुरक्षा फीचर्स को बंद कर देता है, जिससे इसका प्रयोग करने वाले व्यक्ति की लोकेशन ट्रेस नहीं की जा सकती. इसका सीधा मतलब यह हुआ कि दुनिया में कहीं से भी इसका इस्तेमाल कर आधार के डेटा में सेंध लगाई जा सकती है. विशेषज्ञों ने बताया कि यह पैच आधार इनरोलमेंट सॉफ्टवेयर की आंखों को पहचानने की संवेदनशीलता को कमजोर कर देता है, जिससे सॉफ्टवेयर को धोखा देना आसान हो जाता है. ऐसे में व्यक्ति के मौजूद न होने पर उसकी तस्वीर से काम लिया जा सकता है.

हफपोस्ट इंडिया के विशेषज्ञों ने कहा कि भविष्य के अन्य खतरों ध्यान में रखते हुए आधार एनरोलमेंट सॉफ्टवेयर के प्रोग्रामिंग के कोड में बदलाव की आवश्यकता होगी. रिपोर्ट के मुताबिक जालंधर में आधार एनरोलमेंट सेंटर चलाने वाले भारत भूषण गुप्ता यूआईडीएआई के सीईओ को पत्र लिखकर गैरकानूनी तरीके से पैच के इस्तेमाल की सूचना दे चुके हैं. हालांकि, यूआईडीएआई ने स्वीकार किया है कि पिछले कुछ समय से एनरोलमेंट सेंटर में ऐसे भ्रष्टाचार देखने को मिले हैं. इस प्रकार के उल्लंघनों के लिए 49,000 इनरोलमेंट केंद्रों का अनुबंध भी यूआईडीएआई समाप्त कर चुका है.

आधार इनरोलमेंट सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ कर डेटा में सेंधमारी की खबर सामने आने पर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा है, ‘आधार एनरोलमेंट सॉफ्टवेयर के हैक हो जाने से आधार के डेटा की सुरक्षा खतरे में आ सकती है. हमें उम्मीद है कि अधिकारी भविष्य में होने वाले नामांकनों को सुरक्षित करने और संदिग्ध नामांकनों की पुष्टि के लिए उचित कदम उठाएंगे.’