हाल ही में संपन्न हुए एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज अमित पंघाल को भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) ने इस साल के अर्जुन पुरस्कार के लिए नामित किया है. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक इस मौके पर खुशी जाहिर करते हुए अमित पंघाल ने कहा, ‘अर्जुन पुरस्कार के लिए नामित होना सम्मान की बात है. मैं अपनी खुशी शब्दों में बयां नहीं कर सकता हूं. मेरा पदक ही मेरी कहानी बयां करता है और मैं हमेशा यही चाहता था.’

हालांकि इस तरह के कयास भी लगाए जा रहे थे कि 2012 में डोपिंग का दोषी पाए जाने की वजह से अमित पंघाल के नाम पर विचार नहीं किया जाएगा. इसके लिए उन्हें एक साल का प्रतिबंध भी झेलना पड़ा था. लेकिन फिर भी इस बात को ध्यान में रखते हुए कि अनजाने में हुई इस गलती की सजा वे पहले ही भुगत चुके हैं और ऐसा तब हुआ था जब वे युवा स्तर पर खेल रहे थे, बीएफआई ने उनका नाम मंत्रालय को भेजने का फैसला किया.

इस मसले पर अमित का कहना है, ‘ऐसा तब हुआ जब मेरी उम्र कम थी और मैं कुछ नहीं जानता था. मैं तब किशोर था और मुझे चेचक हो गया था. शायद तब डॉक्टर ने मुझे जो दवाइयां दी थीं उनमें ही कुछ ऐसा था जिससे मेरा टेस्ट पॉजिटिव आया था.’

अमित ने यह स्वर्ण पदक 49 किलोग्राम भार वर्ग में जीता था. इस मुकाबले में उनका सामना रियो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीत चुके उजबेकिस्तान के हसनबॉय दुश्मातोव के साथ हुआ था. इस कड़े मुकाबले में हसनबॉय को 3-2 से हराकर अमित ने एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता था.