आम आदमी पार्टी (आप) एक बार फिर से मुश्किलों में घिरती नजर आ रही है. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार मंगलवार को चुनाव आयोग ने चंदे में कथित हेराफेरी के मामले में ‘आप’ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और पूछा है कि नियम विरुद्ध काम करने पर पार्टी की मान्यता रद्द क्यों नहीं की जानी चाहिए. आयोग ने इस नोटिस का जवाब देने के लिए ‘आप’ को 20 दिनों का समय दिया है.

चुनाव आयोग ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) द्वारा मिली जानकारी के तहत यह कदम उठाया है. सीबीडीटी ने इस साल की शुरुआत में चुनाव आयोग को सूचित किया था कि आम आदमी पार्टी ने वित्त वर्ष 2014-15 में मिले चंदे की जानकारी देने में हेरफेर की है. सीबीडीटी के मुताबिक उस साल पार्टी के खाते में कुल 67.67 करोड़ रुपये जमा हुए थे, लेकिन ‘आप’ ने केवल 54.15 करोड़ रुपयों का ही ब्योरा जमा किया और बाकी 13.16 करोड़ रुपयों का कोई ब्योरा देने में वह असफल रही. इसके साथ ही सीबीडीटी ने आम आदमी पार्टी पर हवाला के जरिए चंदा लेने का भी आरोप लगाया था.