‘गांधी प​रिवार करदाताओं का पैसा बर्बाद करना चाहता था.’  

— स्मृति ईरानी, केंद्रीय कपड़ा मंत्री

स्मृति ईरानी का यह बयान कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए आया है. मंगलवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि केंद्रीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन की तरफ से लोक सभा की संसदीय समिति को लिखी चिट्ठी से साफ है कि बैंकों के फंसे हुए कर्ज (एनपीए) के लिए कांग्रेस नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं. इसके साथ ही नेशनल हेराल्ड से जुड़े एक मामले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए स्मृति ईरानी कहा कि राहुल गांधी को बताना चाहिए कि 90 करोड़ रुपये के कर्ज में दबी कंपनी को उन्होंने मात्र 50 लाख रुपये में कैसे खरीद लिया और इस कंपनी को खरीदकर वे क्या करना चाहते थे?


‘भारतीय जनता पार्टी देश में एक बार फिर से वर्ण व्यवस्था लागू करवाना चाहती है.’  

— तेजस्वी यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता

तेजस्वी यादव का यह बयान एससी-एसटी एक्ट के मुद्दे पर अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट करने के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए आया है. उनके मुताबिक भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार चाहती तो इस कानून को नौवीं अनुसूची में शामिल कर सकती थी. ऐसा होने से सुप्रीम कोर्ट भी इस कानून में आसानी से फेरबदल नहीं कर सकता था. लेकिन सरकार ने ऐसा न करके इस वर्ग के लोगों के साथ विश्वासघात किया है. तेजस्वी यादव का यह भी कहना है, ‘राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) एससी-एसटी एक्ट के साथ खड़ी है और इस वर्ग के लोगों की लड़ाई में पार्टी अपना पूरा सहयोग करेगी.’


‘जिन सरकारी गाड़ियों में जीपीएस नहीं लगा होगा उन्हें सरकार की तरफ से पेट्रोल का पैसा नहीं दिया जाएगा.’  

— अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के मुख्यमंत्री

अरविंद केजरीवाल का यह बयान दिल्ली में सरकारी वाहनों के बेजा इस्तेमाल पर रोक लगाने को लेकर आया है. प्रदेश के मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि सरकारी गाड़ियों में 30 सितंबर तक ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लग जाना चाहिए. अगर ऐसा नहीं होता तो इन गाड़ियों का इस्तेमाल करने वाले अधिकारियों को पेट्रोल के लिए अपनी जेब से ही खर्च करना होगा. इससे पहले बीते महीने की 24 तारीख को अरविंद केजरीवाल ने विभिन्न विभागों के अध्यक्षों से गाड़ियों में जीपीएस लगाने की बात कही थी. इसके बाद बीते एक सितंबर को उन्होंने इस बाबत रिपोर्ट भी मंगवाई थी.


‘रफाल विमान सौदे के मामले में सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता किया है.’  

— यशवंत सिन्हा, भाजपा के पूर्व नेता

यशवंत सिन्हा का यह बयान नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आया है. मंगलवार को दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने यह भी कहा, ‘पूर्व की यूपीए सरकार फ्रांस की डसाल्ट एविऐशन से 126 विमान हासिल करने को लेकर बातचीत कर रही थी, लेकिन केंद्र की मौजूदा एनडीए सरकार ने सिर्फ 36 विमानों का सौदा ही तय किया है. इसके अलावा पूर्व में हो रहे सौदे की तुलना में मौजूदा सरकार ने रकम भी अधिक खर्च की है. सरकार को इसका जवाब देना चाहिए.’ इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत भूषण और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी ने इस सौदे में निजी कंपनियों की भागीदारी को लेकर भी सवाल उठाए.