तेलंगाना के तीन विपक्षी दलों, कांग्रेस, तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने आगामी विधानसभा चुनाव में तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) को हराने के लिए ‘महा कूटमी’ (महागठबंधन) बनाने का फैसला किया है. हालांकि इस गठबंधन का स्वरूप कैसा होगा, इसकी सटीक रूपरेखा बनना अभी बाकी है. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक ऐसा पहली बार होगा जब 1982 में कांग्रेस विरोध में बनी पार्टी टीडीपी कांग्रेस से ही हाथ मिलाने जा रही है. इसके अलावा गठबंधन की तीसरी सहयोगी पार्टी सीपीआई पहले भी कई मौकों पर दोनों पार्टियों के साथ गठबंधन बना चुकी है.

मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी ((पीसीसी) अध्यक्ष एन उत्तम कुमार रेड्डी, टीडीपी के प्रदेश अध्यक्ष एल रमन्ना और सीपीआई के राज्य सचिव सी वेंकट रेड्डी ने अपनी पार्टी के अन्य नेताओं के साथ हैदराबाद के बंजारा हिल्स इलाके में स्थित एक होटल में मुलाकात की. करीब चार घंटे तक चली इस बैठक में गठबंधन को लेकर विचार-विमर्श किया गया.

बैठक के बाद पीसीसी अध्यक्ष रेड्डी ने कहा, ‘हमने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए ‘महा कूटमी’ बनाने का फैसला किया है. हम इसके मॉडल पर विचार कर रहे हैं. हम दूसरे समान विचार वाले दलों के साथ भी बातचीत कर रहे हैं. हमारी तेलंगाना जन समिति, सीपीएम आदि से बातचीत चल रही है.’ हालांकि इसके पहले भी कांग्रेस और टीडीपी के बीच गठबंधन की बात चल रही थी, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि ये दोनों दल बातचीत के लिए एक साथ बैठे हों.

इससे पहले टीडीपी नेताओं ने अपने अध्यक्ष और आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू से 8 और 9 सितंबर को हैदराबाद में मुलाकात की थी. तब मुख्यमंत्री ने तेलंगाना में अपनी पार्टी के नेताओं को गठबंधन बनाने का निर्देश दिया था, ताकि सत्ताविरोधी वोटों का बंटवारा रोका जा सके. हालांकि सीटों का बंटवारा कैसे किया जाएगा, इसे उन्होंने अपनी पार्टी नेताओं पर ही छोड़ दिया था.

सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि इस मसले पर अभी कोई चर्चा नहीं हुई है. साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी तेलंगाना की कुल 119 विधानसभा सीटों में से कम से कम 90 पर चुनाव लड़ेगी. बताया जा रहा है कि टीडीपी 25 से 30 सीटों पर लड़ना चाहती है.