केरल नन रेप मामले में जालंधर के बिशप फ्रेंको मुलक्कल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. केरल पुलिस द्वारा केरल हाई कोर्ट में दायर हलफनामे के मुताबिक उसके पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि बिशप फ्रैंको मुलक्कल ने नन के साथ कई बार रेप किया है. यह हलफनामा केरल पुलिस ने 18 अगस्त, 2018 को हाई कोर्ट में दायर किया था. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक पुलिस ने कोर्ट को बताया है कि नन के साथ 23 सितंबर, 2016 और पांच मई, 2018 के बीच में कई बार दुष्कर्म हुआ. हालांकि केरल पुलिस ने अब तक बिशप फ्रेंको मुलक्कल को गिरफ्तार नहीं किया है. इस बीच पीड़ित नन ने भारत में वेटिकन के प्रतिनिधियों से इंसाफ की गुहार लगाई है.

नन ने भारत में वेटिकन के प्रतिनिधि ‘अपोस्टोलिक नुनसिओ’(राजनयिक मिशन) गिआम्बैटिस्टा डिक्यूट्रो को लिखे एक पत्र में कहा है कि वो न्याय के लिए चर्च अधिकारियों के पास आई है. उन्होंने पत्र में बिशप फ्रेंको मुलक्कल को पद से हटाने की मांग की है. साथ ही नन ने आरोप लगाया है कि जालंधर में अपने पद पर बने रहकर बिशप फ्रेंको मुलक्कल और उनके सहयोगी पुलिस जांच को प्रभावित कर रहे हैं.

द टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक वेटिकन को लिखे इस पत्र में नन ने उनके साथ हुए यौन शोषण की जानकारी दी है. नन ने पत्र में दावा किया है कि उनके साथ और भी ननों का यौन शोषण हुआ है. इसके साथ ही पत्र में यह जानकारी दी गई है कि कब-कब उनके साथ दुष्कर्म हुआ और कैसे बिशप और उनके समर्थकों द्वारा उन्हें चुप कराने की कोशिशें की गईं. इस पत्र को वेटिकन के साथ भारत में चर्च से जुड़े और भी पदाधिकारियों को भेजा गया है. इसकी एक कॉपी मीडिया के पास भी उपलब्ध है.

केरल में नन को इंसाफ दिलाने के लिए विभिन्न संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों में नन की पांच सहयोगी भी शामिल हैं. इन प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वे बिशप के खिलाफ कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखेंगी. इसके साथ ही इन्होंने पुलिस के शीर्ष अधिकारियों पर जांच को प्रभावित करने का आरोप लगाया है. वहीं अपने ऊपर लगे आरोपों पर खारिज करते हुए बिशप फ्रैंको मुलक्कल ने कहा कि उन्हें लगता है कि लोग उन्हें और चर्च को बदनाम करने के लिए नन को इस्तेमाल कर रहे हैं.